कोलकाता सिटी

उम्र 100 पार ! कमजोर खिदिरपुर ब्रिज पर भारी वाहनों की लगी रोक

नवान्न से मिली अनुमति के बाद एचआरबीसी ने ब्रिज पर लगाया हाइट बैरियर

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

 कोलकाता : महानगर के पुराने ब्रिज में से एक खिदिरपुर ब्रिज जिसे आमतौर पर स्टील ब्रिज या मुंशीगंज कैनल ब्रिज के नाम से जाना जाता है, उसकी उम्र करीब सौ पार कर चुकी है। इसकी स्वास्थ्य जांच में इस ब्रिज को खतरनाक ठहराया गया है और इसे तोड़कर नये ब्रिज का प्रस्ताव दिया गया है। लंबे समय से इस ब्रिज पर काम को लेकर सर्वे किया गया। ब्रिज के दोनों ओर खतरनाक ब्रिज के बोर्ड भी लगाये गये। अब जाकर इस कमजोर ब्रिज पर भारी वाहनों की रोक लगाने के लिए हाइट बैरियर लगा दिया गया है। बड़े वाहनों के लिए पास के खिदिरपुर फ्लाईओवर तथा कई वैकल्पिक रास्ते हैं। एचआरबीसी एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ब्रिज कमजोर है, इसे तोड़कर नया ब्रिज बनाने का प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेजा गया है। अनुमोदन मिलने के बाद काम शुरू कर दिया जायेगा लेकिन भारी वाहन ना गुजरे इसके लिए ब्रिज पर हाइट बैरियर लगाया गया है। एचआरबीसी ने राइट्स से इस ब्रिज को लेकर स्टडी करायी। राइट्स ने इस ब्रिज की संरचना, ट्रैफिक लोड, आसपास की जमीन और वैकल्पिक रूट्स पर स्टडी की। खिदिरपुर ब्रिज का पुनर्निर्माण एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट होगा, जो न केवल शहर के ट्रैफिक को राहत देगा बल्कि यात्रियों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेगा।

बेहद अहम है यह ब्रिज

कैनल पर स्थापित खिदिरपुर ब्रिज कई गंतव्यों तक जाने के लिए अहम है। फ्लाईओवर से हेस्टिंग से सीधे फैंसी मार्केट तक चढ़ाव -उतार है (वन वे), जबकि जिन्हें इकबालपुर, मोमिनपुर, बेहला या फिर डायमंड हाबर की ओर जाना होता है तो वे फ्लाईओवर नहीं बल्कि इसी ब्रिज से होकर जाते हैं। दूसरी ओर से मटियाब्रुज, बीएनआर, बाबू बाजार से गाड़ियां जिन्हें धर्मतल्ला, एसएसकेएम, मां फ्लाईओवर, बाबू घाट, हावड़ा व अन्य गंतव्य के लिए जाना है वे भी इसी ब्रिज का इस्तेमाल करते हैं। अब हाइट बैरियर से बड़े और भारी वाहनों की राेक होगी जबकि छोटे वाहनों के लिए रोक नहीं है।

SCROLL FOR NEXT