कोलकाता में बुखार-खांसी का प्रकोप 
कोलकाता सिटी

दुर्गापूजा से पहले कोलकाता में खांसी-बुखार का प्रकोप

अस्पतालों की ओपीडी में बढ़े मरीज; बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को सतर्क रहने की सलाह

Ravi

कोलकाता : दुर्गापूजा से ठीक पहले कोलकाता और आसपास के इलाकों में बुखार, खांसी और सर्दी-जुकाम जैसे लक्षणों से हजारों लोग प्रभावित हैं। अस्पतालों के ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

डॉक्टरों के मुताबिक, कई मरीजों में हल्का बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश और कमजोरी जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। चिकित्सकों ने इसके पीछे इन्फ्लुएंजा या अन्य वायरल संक्रमण की आशंका जताई है। हालांकि, फिलहाल कई मामलों में संक्रमण अपेक्षाकृत हल्का बताया गया है।

जुलाई से जारी संक्रमण का सिलसिला

विशेषज्ञों की मानें तो मौजूदा संक्रमण इन्फ्लुएंजा ए या बी हो सकता है। उन्होंने बताया कि जुलाई से संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं और बीच-बीच में कमी आने के बावजूद इसका सिलसिला पूरी तरह नहीं थमा है।

कुछ मरीजों में तेज बुखार 103 डिग्री तक पहुंचने के साथ खांसी की शिकायत भी मिली है। बुखार कम होने के बाद भी कई लोगों में खांसी बनी हुई है। परिवार के कई सदस्य एक साथ बीमार पड़ रहे हैं, जिससे संक्रमण के तेजी से फैलने की चिंता बढ़ी है।

अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी

मणिपाल अस्पताल, ढाकुरिया में भी बुखार और खांसी के मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। वहां के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. सायन चक्रवर्ती के मुताबिक, कई मरीजों को चार से पांच दिनों तक कमजोरी और हल्के बुखार के कारण बिस्तर पर रहना पड़ रहा है।

बीपी पोद्दार अस्पताल के आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. सत्यकी बसु ने बताया कि तीन दिनों में उन्होंने ऐसे 18 मरीज देखे। इनमें पहले से सीओपीडी और अस्थमा से पीड़ित दो मरीजों को फेफड़े संबंधी विशेषज्ञ के पास भेजना पड़ा। आरएन टैगोर अस्पताल में भी बुखार और खांसी के मरीज पहुंच रहे हैं।

मौसम में बदलाव के बीच डॉक्टरों ने दी सावधानी की सलाह

डॉक्टरों के अनुसार, दिन और रात के तापमान में अंतर तथा रुक-रुककर हो रही बारिश मौसमी श्वसन संक्रमण के प्रसार के अनुकूल परिस्थितियां बना सकती हैं। मणिपाल अस्पताल के आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. अविजित भट्टाचार्य ने बुजुर्गों और अन्य बीमारियों से जूझ रहे लोगों को लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।

डॉक्टरों ने पर्याप्त आराम करने, तरल पदार्थ लेने और बुखार लगातार बने रहने या हालत बिगड़ने पर चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी है। लक्षण वाले लोगों को भीड़भाड़ से बचने को कहा गया है। चार्नॉक अस्पताल के निशांत अग्रवाल ने बिना जरूरत कई दवाएं लेने से बचने पर जोर दिया।

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