कोलकाता : न्यू मार्केट के मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित होटल में भीषण आग में एक बच्चे समेत नौ लोगों की मौत के बाद राज्य सरकार विपक्ष के निशाने पर है। कांग्रेस, माकपा और तृणमूल के ऋतब्रत गुट ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की।
घटनास्थल पर पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि भाजपा सरकार को सत्ता में आए करीब 100 दिन हो चुके हैं। इसके बावजूद आग की घटनाएं जारी हैं। उन्होंने सवाल किया कि बिल्डिंग ऑडिट के बाद भी अवैध होटलों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई। शुभंकर ने कहा कि सरकार पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार को दोष देकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती।
माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने भी पूर्व और वर्तमान दोनों सरकारों को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि दमकल मुख्यालय से महज 50 मीटर दूर होटल में आग कैसे लगी और करीब 80 लोगों को खुद बाहर निकलना क्यों पड़ा।
ऋतब्रत गुट के तृणमूल विधायक अखरुज्जमां ने कहा, “पहले तारापीठ, अब मिर्जा गालिब स्ट्रीट। इतनी मौत और चीख-पुकार के लिए सरकार को ही जिम्मेदारी लेनी होगी।” वहीं, तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि हर घटना के बाद चर्चा, कमेटी और सिफारिश होती है, लेकिन निगरानी नहीं होती। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से कोलकाता का नाम बदनाम हो रहा है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी होटलों में लगातार लग रही आग की घटनाओं पर चिंता जताई।