फाइल फोटो 
कोलकाता सिटी

पोस्ता डकैती मामले में हावड़ा स्टेशन से एक गिरफ्तार

बड़ाबाजार के हवाला ऑपरेटर्स हैं पुलिस के रडार पर

100 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगालने के बाद पुलिस के हाथ लगा सुराग

दीपक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पोस्ता थाना क्षेत्र के कॉटन स्ट्रीट स्थित एक ऑफिस से 1.30 करोड़ रुपये की डकैती के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त का नाम ललित मूंधड़ा है। वह हावड़ा के सलकिया का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी गुजरात भागने की तैयारी में था और ट्रेन पकड़ने के लिए हावड़ा स्टेशन पहुंचा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे दबोच लिया। मंगलवार को उसे बैंकशाल अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 31 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।

डकैती में मास्टरमाइंड की भूमिका का शक

जांच अधिकारियों को संदेह है कि ललित मूंधड़ा इस पूरी वारदात का मुख्य साजिशकर्ता है। पुलिस के अनुसार वह हवाला कारोबार से जुड़ा है और उसके संपर्क गुजरात तथा राजस्थान के हवाला ऑपरेटरों से हैं। जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है, जो राजस्थान से जुड़े अपराधियों का इस्तेमाल कर हवाला कारोबारियों के ठिकानों को निशाना बनाता है।

100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज

डकैती की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने इलाके के 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान कॉटन स्ट्रीट की दो महत्वपूर्ण फुटेज पुलिस के हाथ लगी। इनमें ललित मूंधड़ा कथित तौर पर डकैती करने पहुंचे बदमाशों के साथ घटनास्थल की ओर जाता दिखाई दिया। एक अन्य सीसीटीवी फुटेज में वह कॉटन स्ट्रीट की एक चाय की दुकान के पास नजर आया। पुलिस के मुताबिक, यहां उसने डकैती के बाद फरार हो रहे बदमाशों से बातचीत भी की थी। इन फुटेज के आधार पर पुलिस ने उसकी भूमिका को लेकर जांच तेज कर दी।

ऑफिस के अंदर से मिली थी जानकारी?

पुलिस को अब इस मामले में एक संभावित ‘इंसाइडर’ की भूमिका का भी संदेह है। आशंका है कि ऑफिस की अंदरूनी जानकारी, नकदी की मौजूदगी और मौके से जुड़ी अहम सूचनाएं किसी परिचित या कर्मचारी के जरिए ललित और उसके साथियों तक पहुंचाई गईं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि गिरोह को ऑफिस के बारे में इतनी सटीक जानकारी किसने दी और डकैती की साजिश कितने समय पहले रची गई थी।

मई की 42 लाख की डकैती से भी जुड़ रहे तार

जांच में इस मामले का एक पुराना कनेक्शन भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, मई 2026 में सर्वे पार्क थाने में 42 लाख रुपये की डकैती की शिकायत दर्ज हुई थी। उस मामले में जो शिकायतकर्ता थे। इत्तेफाक से कॉटन स्ट्रीट की मौजूदा 1.30 करोड़ रुपये की डकैती के मामले में भी शिकायतकर्ता भी वही हैं। हालांकि, फिलहाल पुलिस जांच कर रही है कि बार-बार उसी व्यवसायी के ऑफिस में डकैती क्यों होती है। सिर्फ बंगाल ही नहीं यूपी और झारखंड में भी उक्त व्यवसायी के कार्यालय में करोड़ों रुपये की डकैती की घटना घटी थी। ऐसे में इन मामलों के बीच संभावित कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।

गुजरात-राजस्थान तक फैले नेटवर्क की पड़ताल

ललित मूंधड़ा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुट गई है। जांच का दायरा कोलकाता के बड़ाबाजार से लेकर गुजरात और राजस्थान तक बढ़ाया गया है। पुलिस हवाला कारोबारियों के बीच संभावित संपर्क, गिरोह के सदस्यों और पहले हुई इसी तरह की वारदातों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस की नजर अब इस बात पर है कि 1.30 करोड़ रुपये की डकैती के पीछे कितने लोग शामिल थे, कथित मास्टरमाइंड तक रकम और ऑफिस की जानकारी कैसे पहुंची और इस गिरोह ने इससे पहले कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

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