अभियुक्त के पास से जब्त सिम बॉक्स और सिम कार्ड this news is related digial arrest fraud
कोलकाता सिटी

मार्क्विस स्ट्रीट की दुकान से चलता था साइबर ठगी

पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह के सरगना को किया गिरफ्तार,

कोलकाता : पुराने मॉडल के कीपैड मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर साइबर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर महानगर के एक वृद्ध दंपति से 3 करोड़ 1 लाख रुपये ठग लिए। मामले की जांच करते हुए लालबाजार की साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने गिरोह के सरगना मोहम्मद अमजद को गिरफ्तार किया है। पुलिस का मानना है कि उसके गिरोह में और भी सदस्य शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है।

दुकान आड़ में चल रहा था फर्जीवाड़ा

पुलिस के अनुसार, न्यू मार्केट के मार्क्विस स्ट्रीट स्थित एक दुकान की आड़ में यह साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। पेमांटल स्ट्रीट स्थित मो.अमजद के घर पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने 17 मोबाइल फोन बरामद किए, जिनमें 15 छोटे कीपैड मोबाइल फोन और दो स्मार्टफोन हैं। इसके अलावा पुलिस ने छह 32-स्लॉट सिम बॉक्स, पांच 128-स्लॉट सिम बॉक्स, एक 256-स्लॉट सिम बॉक्स, एक लैपटॉप, नौ राउटर, वाई-फाई संचालित सीसीटीवी कैमरा, 2,250 फर्जी सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए। पुलिस के मुताबिक, गिरोह सिम बॉक्स तकनीक का इस्तेमाल कर अपनी लोकेशन छिपाता था, जिससे जांच में बाधा आ रही थी।

ऐसे रचा गया ‘डिजिटल अरेस्ट’ का जाल

घटना की शुरुआत पिछले अक्टूबर में हुई। एक व्यक्ति ने खुद को कूरियर कंपनी का कर्मचारी बताकर बुजुर्ग व्यक्ति को फोन किया और कहा कि उनके नाम से एक पार्सल आया है, जिसमें अवैध सामान मिला है। इसके बाद खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाले ‘अमित कुमार’ नामक व्यक्ति ने वीडियो कॉल कर फर्जी पहचान पत्र दिखाया और दंपती को ‘डिजिटल रूप से गिरफ्तार’ करने का दावा किया। जालसाजों ने दंपती को निर्देश दिया कि वे अपने मोबाइल और लैपटॉप का वीडियो लगातार चालू रखें ताकि उन पर निगरानी रखी जा सके। इसके बाद दो अन्य लोगों ने भी अलग-अलग नंबरों से संपर्क किया, एक ने खुद को आईपीएस और साइबर क्राइम हेड बताया, जबकि दूसरे ने खुद को ‘फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स’ का अधिकारी बताया। ठगों ने व्हाट्सऐप पर सीबीआई, ईडी, सुप्रीम कोर्ट और रिजर्व बैंक के फर्जी लोगो लगे दस्तावेज भेजे और ‘जुर्माना’ के नाम पर पैसे की मांग की। भयभीत दंपति ने अपने बैंक अकाउंट से कुल 3 करोड़ 1 लाख रुपये एक ही बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।

बैंक खाते और एंड्रॉयड फोन से मिला सुराग

कुछ समय बाद दंपति को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने लालबाजार के साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को छोटे बटन फोन के इस्तेमाल और सिम बॉक्स तकनीक के कारण गिरोह तक पहुंचने में दिक्कत हुई। आखिरकार बैंक खाते और एक एंड्रॉयड फोन के जरिए सुराग मिला, जिसके आधार पर मार्क्विस स्ट्रीट स्थित ठिकाने पर छापा मारा गया।

पुलिस का कहना है कि दंपती को कम से कम चार लोगों ने फोन किया था, जिससे स्पष्ट है कि अमजद के अलावा गिरोह में अन्य सदस्य भी सक्रिय हैं। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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