सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सावन के आखिरी सोमवार के अवसर पर कोलकाता के विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही शहर के प्रमुख मंदिरों में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से मंदिर परिसर और आसपास का वातावरण भक्तिमय हो गया।
श्रद्धालु सुबह तड़के ही मंदिरों में पहुंचने लगे थे। बड़ी संख्या में लोगों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और बेलपत्र, धतूरा, फूल तथा फल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। कई भक्तों ने गंगाजल से अभिषेक किया। महिलाओं और युवाओं के साथ बुजुर्गों की भी बड़ी संख्या मंदिरों में पहुंची। कई श्रद्धालु सावन के अंतिम सोमवार का व्रत रखकर पूजा-अर्चना करने पहुंचे।
कोलकाता के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। मंदिरों को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था। कुछ मंदिरों में भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया गया, जिसे देखने के लिए भक्तों में खासा उत्साह रहा। मंदिर समितियों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और पेयजल की व्यवस्था भी की गई।
भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और स्थानीय स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने की व्यवस्था की। कई स्थानों पर पुलिस की तैनाती भी की गई थी। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख मंदिरों के आसपास विशेष इंतजाम किए गए। सुबह और दोपहर के समय कई इलाकों में भक्तों की आवाजाही के कारण चहल-पहल बढ़ गई।
सावन का आखिरी सोमवार धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इसी आस्था के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
शाम के समय कई शिवालयों में आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। दीपों की रोशनी, घंटियों की गूंज और शिव भजनों से मंदिर परिसर का माहौल और भी आध्यात्मिक हो गया। श्रद्धालुओं ने आरती में शामिल होकर भगवान शिव से परिवार और समाज की खुशहाली की प्रार्थना की।
सावन के अंतिम सोमवार पर कोलकाता के शिवालयों में उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर शहर की धार्मिक आस्था और उत्सवधर्मिता की झलक पेश की। दिनभर मंदिरों में श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहा और पूरा शहर शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।