कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस में जारी आंतरिक विवाद अब पार्टी के फंड तक पहुंच गया है। एक दिन पहले पार्टी अध्यक्ष पद से ममता बनर्जी को हटाने के बाद ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले ‘असली तृणमूल’ ने अब पार्टी के आर्थिक मामलों पर नियंत्रण हासिल करने की तैयारी शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, जल्द ही ऋतब्रत गुट की ओर से दो अलग-अलग पत्र भेजे जाएंगे। इनमें एक पत्र चुनाव आयोग को और दूसरा एचडीएफसी बैंक प्रबंधन को भेजा जाएगा। इन पत्रों के माध्यम से पार्टी के बैंक खातों और फंड के संचालन पर अधिकार जताने की कोशिश की जाएगी।
सोमवार को आयोजित विशेष अधिवेशन में आखरुज्जमां को पार्टी का कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। वह विधानसभा में स्पीकर द्वारा मान्यता प्राप्त मुख्य सचेतक भी हैं। बताया जा रहा है कि बैंक और चुनाव आयोग को भेजे जाने वाले पत्र उनकी ओर से ही भेजे जाएंगे।
सूत्रों का दावा है कि इस पूरी रणनीति के पीछे पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप विश्वास की खास भूमिका है। उन्होंने ही सबसे पहले पार्टी के बैंक खातों को फ्रीज करने की मांग करते हुए बैंक को पत्र भेजा था।
सूत्रों के मुताबिक, ‘असली तृणमूल’ के नेता चुनाव आयोग के कोलकाता कार्यालय जाकर व्यक्तिगत रूप से भी अपना ज्ञापन सौंप सकते हैं। इसके साथ ही तृणमूल का आंतरिक संघर्ष अब एक नए और निर्णायक चरण में प्रवेश करता दिखाई दे रहा है।