फाइल फोटो 
कोलकाता सिटी

ई-बाइक पर दौड़ेगी कोलकाता ट्रैफिक पुलिस

ईंधन खर्च घटाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू

सफल ट्रायल के बाद 200 ई-बाइक खरीदने की तैयारी

दीपक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : बढ़ते ईंधन खर्च को कम करने और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोलकाता पुलिस अब इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल पर जोर दे रही है। बैटरी चालित कारों को अपनाने के बाद पुलिस विभाग ने अब ट्रैफिक सार्जेंटों के लिए ई-बाइक शुरू करने की पहल की है। फिलहाल इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। लालबाजार सूत्रों के अनुसार कोलकाता ट्रैफिक पुलिस के बेलियाघाटा ट्रैफिक गार्ड और हेडक्वार्टर्स ट्रैफिक गार्ड के दो सार्जेंटों को परीक्षण के लिए ई-बाइक उपलब्ध कराई गई हैं। दोनों सार्जेंट इन वाहनों के जरिए ट्रैफिक प्रबंधन की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि परीक्षण सफल रहता है तो भविष्य में सभी ट्रैफिक सार्जेंटों को ई-बाइक उपलब्ध कराई जाएगी।

महिला पुलिस कर्मियों के लिए भी ई-स्कूटर पर विचार

सूत्रों के मुताबिक महिला पुलिस वाहिनी के लिए भी ई-स्कूटर खरीदने की योजना पर विचार किया जा रहा है। हाल ही में पुलिस आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न ई-स्कूटरों की कार्यक्षमता का परीक्षण किया। वर्तमान में 'दुर्गा सुरक्षा वाहिनी' (पूर्व में विनर्स वाहिनी) की महिला पुलिसकर्मी स्कूटर का उपयोग करती हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में उन्हें पेट्रोल स्कूटरों के स्थान पर ई-स्कूटर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

करीब 200 ई-बाइक खरीदने की तैयारी

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस परियोजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से लगभग 200 ई-बाइक खरीदने की योजना बनाई गई है। ट्रायल सफल होने के बाद इन्हें कोलकाता ट्रैफिक पुलिस के बेड़े में शामिल किया जाएगा। इस संबंध में कई कंपनियां अपने ई-स्कूटर और ई-बाइक के मॉडल लालबाजार में प्रस्तुत कर चुकी हैं। हालांकि, अंतिम खरीद और संख्या को लेकर निर्णय अभी बाकी है।

ईंधन खर्च में होगी बड़ी बचत

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में ट्रैफिक सार्जेंट जिन मोटरसाइकिलों का उपयोग करते हैं, वे औसतन 25 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती हैं, जिससे ईंधन पर भारी खर्च आता है। इसके मुकाबले ई-बाइक केवल चार्जिंग पर चलती हैं, जिससे परिचालन लागत में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, शहर में पर्याप्त चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता फिलहाल एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

'लाल बाइक' से जुड़ी भावनाएं भी बरकरार

नई व्यवस्था को लेकर पुलिस विभाग के भीतर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई अनुभवी ट्रैफिक सार्जेंटों का मानना है कि कोलकाता पुलिस की पहचान बन चुकी पारंपरिक लाल मोटरसाइकिलों की अलग ही प्रतिष्ठा और प्रभाव रहा है। उनका कहना है कि यह देखना दिलचस्प होगा कि ई-बाइक उस पहचान और गरिमा को किस हद तक कायम रख पाती हैं। एक अधिकारी ने बताया कि करीब डेढ़ दशक पहले भी सार्जेंटों के लिए सफेद रंग की मोटरसाइकिलें खरीदी गई थीं, लेकिन अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण बाद में उन्हें थाना पुलिस के उपयोग में दे दिया गया था। अब सबकी निगाहें इस नए इलेक्ट्रिक प्रयोग की सफलता और टिकाऊपन पर टिक गई हैं।

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