बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच बढ़ती दूरी अब चुनावी रणनीति में भी दिखाई देने लगी है। विधानसभा उपचुनाव में सीटों के तालमेल की चर्चा के बीच कांग्रेस की ओर से प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद अब वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद प्रदीप भट्टाचार्य ने आगामी निकाय चुनाव में पार्टी के अकेले लड़ने का संकेत दिया है।
हाल में हावड़ा में गणेश पूजा के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी संगठनात्मक ताकत के भरोसे चुनाव मैदान में उतरेगी। नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव को लेकर हाल में तृणमूल की ओर से कांग्रेस के साथ सीट-समझौते की पहल की खबरें सामने आई थीं। रिपोर्टों के अनुसार, नंदीग्राम सीट कांग्रेस के लिए छोड़ने और रेजीनगर में कांग्रेस से समर्थन लेने का प्रस्ताव था। कांग्रेस ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।
इस घटनाक्रम के बीच प्रदीप भट्टाचार्य का निकाय चुनाव में अकेले उतरने का बयान कांग्रेस की मौजूदा रणनीति का संकेत माना जा रहा है। पार्टी फिलहाल अपने संगठन को मजबूत करने और स्वतंत्र राजनीतिक आधार को सक्रिय करने पर जोर देती दिख रही है। हालांकि, राज्य सरकार के कामकाज को लेकर प्रदीप ने तत्काल कोई फैसला सुनाने से इनकार किया।
उन्होंने कहा कि सरकार को सत्ता में आए अभी केवल चार महीने हुए हैं लेकिन आम लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाले फैसलों का कांग्रेस विरोध करेगी। खाद्य आदतों और बंगाली संस्कृति के नाम पर विभाजन की कोशिशों पर भी उन्होंने चिंता जताई।
निकाय चुनाव को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल कांग्रेस अपनी संगठनात्मक ताकत के आधार पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि, भविष्य में राजनीतिक परिस्थितियां किस दिशा में जाएंगी, इस पर अभी कोई अंतिम टिप्पणी करना संभव नहीं है।