कोलकाता : न्यू टाउन के एक 35 वर्षीय व्यवसायी को ऑनलाइन निवेश का लालच देकर 29 लाख रुपये की भारी धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया। ठगों ने उन्हें एक फर्जी फाइनेंशियल प्रोग्राम में अधिक मुनाफे का झांसा दिया और धीरे-धीरे बड़ी रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली। पूरे मामले की शिकायत मिलने के बाद अब विधाननगर साइबर क्राइम पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला
शिकायत के अनुसार, पीड़ित व्यवसायी न्यू टाउन स्थित एक हाईराइज अपार्टमेंट में रहते हैं। कुछ सप्ताह पहले उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति ने टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ लिया। इस ग्रुप में प्रतिदिन निवेश से जुड़े संदेश भेजे जाते थे, जिनमें दावा किया जाता था कि कम समय में कई गुना मुनाफा कमाया जा सकता है। ग्रुप में वीडियो, फर्जी स्क्रीनशॉट और आकर्षक ऑफर दिखाकर भरोसा दिलाया गया कि यह एक बेहद भरोसेमंद और सुरक्षित निवेश प्लेटफॉर्म है।
इन दावों के झांसे में आकर पीड़ित ने 16 से 17 नवंबर के बीच अपने सेविंग्स अकाउंट से कुल 17.10 लाख रुपये और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 12 लाख रुपये ठगों द्वारा बताए गए खातों में भेज दिए। निवेश के बाद उनके वर्चुअल वॉलेट में लगभग 43 लाख रुपये दिखाए जा रहे थे, जो उनकी निवेश राशि का लगभग डेढ़ गुना था। इससे व्यवसायी को विश्वास हो गया कि निवेश वास्तविक है। लेकिन जब उन्होंने पैसे निकालने का प्रयास किया, तो ग्रुप के एडमिन ने उन्हें बताया कि निकासी से पहले उन्हें अतिरिक्त 22 लाख रुपये “टैक्स और प्रोसेसिंग चार्ज” के रूप में जमा करने होंगे।
यह सुनकर पीड़ित को धोखाधड़ी की आशंका हुई और उन्होंने तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद वह विधाननगर साइबर क्राइम थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस अब बैंक खातों और लेन-देन की ट्रेल खंगाल रही है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
विधाननगर सिटी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लोग किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें, क्योंकि साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।