कोलकाता : राज्य में नये साल 2026 की शुरुआत बड़े उत्साह और उमंग के साथ हुई। राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों, धार्मिक केंद्रों और मनोरंजन स्थलों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। कड़ाके की ठंड के बावजूद कोलकातावासियों ने पारिवारिक outings का भरपूर आनंद लिया और वर्ष की शुरुआत को यादगार बनाया। कोलकाता में अलीपुर चिड़ियाघर, ईको पार्क, निक्को पार्क और विक्टोरिया मेमोरियल जैसे लोकप्रिय स्थलों पर सुबह से ही पर्यटकों और स्थानीय लोगों की लंबी कतारें लग गयीं। ठंडी हवाओं के बीच लोग इन स्थानों पर घूमने, फोटो खिंचवाने और परिवार के साथ समय बिताने पहुंचे। पार्क स्ट्रीट को खास तौर पर मनमोहक ढंग से सजाया गया था, जिसने रात भर जश्न मनाने वालों को आकर्षित किया। सड़क किनारे के रेस्तरां, बार और कैफे में भारी भीड़ के कारण अच्छा कारोबार हुआ। सभी उम्र के लोग यहां आधी रात तक उत्सव मनाते नजर आये। धार्मिक उत्साह भी चरम पर रहा। रामकृष्ण मठ के वार्षिक कल्पतरु उत्सव के अवसर पर बेलूड़ मठ,काशीपुर उद्यानबाटी और दक्षिणेश्वर काली मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी।
हावड़ा में घुसुड़ीधाम श्याम मंदिर, बजरंगबली मंदिर आदि, उत्तर कोलकाता के बैकुंठनाथ और महालक्ष्मी मंदिरों के साथ-साथ दक्षिण कोलकाता के कालीघाट मंदिर, बीरभूम के तारापीठ मंदिर और हुगली के तारकेश्वर मंदिर में भी सुबह से ही भक्त कतारों में लगे रहे। राज्य के विभिन्न गिरजाघरों में नये साल के उपलक्ष्य में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। राज्य सरकार द्वारा 1 जनवरी को छुट्टी घोषित किए जाने से कार्यालयी कर्मचारियों ने भी अवकाश का लाभ उठाया। कई परिवार सिनेमाघरों में फिल्में देखने और रेस्तरां में स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाने निकले। राज्य के पिकनिक स्पॉट्स पर भी खासी रौनक रही। पूर्व मेदिनीपुर जिले के दीघा, ताजपुर और मंदारमणि समुद्री रिसॉर्ट्स तथा दार्जिलिंग-कलिम्पोंग के पहाड़ी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। यहां ठहरे ज्यादातर पर्यटक नये साल के पहले सूर्योदय का दीदार करने सुबह जल्दी उठे। नववर्ष उत्सव को सुचारु रूप से मनाने के लिए कोलकाता मेट्रो ने पूर्व संध्या पर देर रात तक अतिरिक्त सेवाएं संचालित कीं। पुलिस ने राज्य भर में, खासकर सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। पश्चिम बंगाल ने इस तरह धार्मिक श्रद्धा, पर्यटन और पारिवारिक उत्सव के संगम के साथ नये साल का स्वागत किया, जो राज्य की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है।