कोलकाता : राज्य में नई शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 लागू होने के बाद इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने शनिवार को शिक्षकों के लिए 'उज्जीवन चर्चा' शीर्षक से ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित की। दोपहर एक बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम का विभाग के सोशल मीडिया मंचों पर सीधा प्रसारण किया गया। इसमें स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक वर्मन सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक जुड़े।
मंत्री दीपक वर्मन ने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए शिक्षा को अधिक आनंदमय, कौशल आधारित और अनुभवपरक बनाना है। उन्होंने कहा कि यह नीति भारतीय मूल्यों पर आधारित समग्र, न्यायसंगत और बहुविषयक शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देती है। इससे विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक सोच, संवेदनशीलता और समस्या समाधान की क्षमता का विकास होगा।
उन्होंने बताया कि एनईपी-2020 में रटंत शिक्षा के बजाय क्षमता आधारित, खोजपरक और अनुभवात्मक शिक्षण पर विशेष जोर दिया गया है। कक्षा में ऐसा वातावरण तैयार करने की आवश्यकता है, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और क्षमता का पूर्ण विकास कर सके। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को सीखने के प्रति प्रेरित करना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
कार्यशाला में छात्राओं के लिए स्वच्छ शौचालय, सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन जैसी बुनियादी सुविधाओं तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विभाग ने बताया कि शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए कई ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं, जिनमें राज्य के शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी उत्साहजनक है।
मंत्री ने शिक्षकों से नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से कक्षाओं तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा को अधिक रोचक, समावेशी और जीवनोपयोगी बनाना ही इस नीति का मूल लक्ष्य है।