कोलकाता : उत्तर कोलकाता के लेक टाउन में स्थित चर्चित श्री भूमि स्पोर्टिंग क्लब में इस वर्ष दुर्गापूजा की तैयारियां नई प्रबंध समिति के नेतृत्व में शुरू हो गई हैं। रथ यात्रा के अवसर पर पारंपरिक खूंटी पूजा का आयोजन किया गया, जिसके साथ ही इस वर्ष के दुर्गोत्सव की औपचारिक शुरुआत हो गई।
हालांकि, इस बार की खूंटी पूजा कई मायनों में अलग रही, क्योंकि इसमें क्लब के पूर्व संरक्षक और लंबे समय तक पूजा आयोजन का नेतृत्व करने वाले पूर्व मंत्री सुजीत बोस तथा उनके करीबी समिति सदस्य शामिल नहीं हुए।
हाल ही में गठित नई प्रबंध समिति का कहना है कि इस बार आयोजन को अधिक सामुदायिक, सादा और स्थानीय लोगों की भागीदारी वाला बनाया जाएगा। साथ ही, पूजा के दौरान होने वाली असुविधाओं को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
'हवा महल' होगा इस वर्ष का थीम
नई कमेटी ने घोषणा की है कि इस वर्ष श्री भूमि स्पोर्टिंग क्लब का पूजा पंडाल राजस्थान के प्रसिद्ध 'हवा महल' के थीम पर तैयार किया जाएगा। इसके लिए पिछले वर्ष के डेकोरेटर्स की जगह नए डेकोरेटर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयोजकों का मानना है कि नया थीम दर्शकों को एक अलग अनुभव देगा, वहीं निर्माण कार्य भी निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाएगा।
महालया नहीं, चतुर्थी या पंचमी को होगा उद्घाटन
बीते वर्षों में श्री भूमि की पूजा का उद्घाटन महालया के दिन किया जाता था, लेकिन इस बार नई समिति ने इसमें बदलाव किया है। आयोजकों के अनुसार, पंडाल का उद्घाटन चतुर्थी या पंचमी के दिन किया जाएगा। इससे निर्माण कार्य को बेहतर तरीके से पूरा करने और अनावश्यक भीड़ से बचने में मदद मिलेगी।
स्थानीय लोगों की सुविधा पर रहेगा विशेष ध्यान
नई प्रबंध समिति का कहना है कि इस वर्ष पूजा आयोजन के दौरान स्थानीय निवासियों को होने वाली परेशानियों को कम करना उनकी प्राथमिकता होगी। इसके तहत कई सप्ताह तक चलने वाले यातायात अवरोधों को सीमित रखने, अत्यधिक रोशनी और भव्य सजावट पर नियंत्रण रखने तथा आसपास के इलाकों में सामान्य जनजीवन को प्रभावित न होने देने की योजना बनाई गई है।
नई समिति का उद्देश्य पूजा को केवल एक बड़े आकर्षण के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय स्थानीय समुदाय की भागीदारी और सांस्कृतिक परंपराओं को केंद्र में रखना है।
बदले प्रबंधन के साथ बदलेगी आयोजन की तस्वीर
श्री भूमि स्पोर्टिंग क्लब की दुर्गापूजा लंबे समय से अपने भव्य थीम, आकर्षक पंडाल और भारी भीड़ के लिए जानी जाती रही है। लेकिन इस वर्ष नई प्रबंध समिति के नेतृत्व में आयोजन की शैली में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
आयोजकों का दावा है कि पूजा की पारंपरिक गरिमा बनाए रखते हुए इसे अधिक व्यवस्थित, सुचारु और आम लोगों के अनुकूल बनाया जाएगा। नई कमेटी की इस पहल को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा का दौर भी शुरू हो गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बदले हुए प्रबंधन में श्री भूमि स्पोर्टिंग क्लब की दुर्गापूजा किस नए स्वरूप में सामने आती है।