मधुर, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में लंबित निकाय चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। आज यानी बुधवार की सुबह 11 बजे आयोग के मुख्यालय में उन सभी जिलों के जिलाधिकारियों के साथ बैठक होगी, जहां निकाय चुनाव लंबित हैं। सूत्रों के अनुसार बैठक में चुनावी तैयारियों और संभावित कार्यक्रम पर चर्चा होगी। हालांकि, चुनाव की घोषणा के रास्ते में फिलहाल कानूनी अड़चन बनी हुई है। आयोग ने मंगलवार को कलकत्ता हाईकोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ को बताया कि राज्य में 26 चुनाव संबंधी मामले लंबित हैं। इन मामलों के कारण बड़ी संख्या में ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को कानूनी तौर पर सुरक्षित रखना पड़ रहा है। इससे आगामी चुनाव के लिए पर्याप्त ईवीएम उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही है। आयोग के मुताबिक, यदि लंबित मामलों का जल्द निपटारा हो जाता है और ईवीएम मुक्त हो पाती हैं, तभी जिलाधिकारियों के साथ चर्चा के बाद चुनाव की तारीख तय करना संभव होगा।
राज्य में जिन प्रमुख नगर निकायों के चुनाव बाकी हैं, उनमें कोलकाता, हावड़ा, विधाननगर, दुर्गापुर और सिलीगुड़ी समेत पांच नगर निगम शामिल हैं। इसके अलावा कर्सियांग, मिरिक, कलिम्पोंग, रायगंज, बुनियादपुर, धूपगुड़ी, बाली, डोमकल, पूजाली, पांशकुड़ा, हल्दिया, कूपर्स कैंप और नलहाटी जैसे निकायों में भी चुनाव लंबित हैं। इस बीच कोलकाता और हावड़ा के वार्डों की संख्या बढ़ाने से संबंधित विधेयक विधानसभा में पारित हो चुका है। वहीं, दुर्गापुर और सिलीगुड़ी नगर निगमों में भी सीटों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। कई निकायों में निर्वाचित प्रतिनिधियों के इस्तीफे के बाद फिलहाल प्रशासक के जरिए कामकाज चल रहा है। राज्य सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि प्रशासकों को लंबे समय तक बनाए रखने के बजाय जल्द चुनाव कराए जाने चाहिए। ऐसे में बुधवार की बैठक को चुनावी तैयारियों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।