कोलकाता सिटी

A320 सॉफ्टवेयर अपग्रेड से उड़ानों में हल्की देरी, बड़ी परेशानी टली

यात्रा उद्योग ने जताई राहत

नेहा, सन्मार्ग संवाददाता 

कोलकाता : A320 सॉफ्टवेयर अपग्रेड से उड़ानों में हल्की देरी हुई लेकिन बड़ी परेशानी टल गयी। हुआ यूं कि कई A320 विमान, जो इंडिगो और एयर इंडिया संचालित करते हैं, को शुक्रवार को अनिवार्य साफ्टवेयर जांच और अपडेट से गुजरना पड़ा। इसके कारण कोलकाता एयरपोर्ट पर उड़ानों में 30 से 60 मिनट की देरी हुई, लेकिन किसी उड़ान को रद्द नहीं किया गया और न ही कोई बड़ी बाधा पैदा हुई। कुल मिलाकर, देश की एयरलाइनों के 338 एयरबस A320 विमान इस अपग्रेड के दायरे में थे।

Airbus अलर्ट का असर : भारत में A320 विमानों की तुरंत जांच

एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, इंडिगो के A320 बेड़े में फ्लाइट-कंट्रोल साफ्टवेयर की खामी को ठीक करने का काम बिना किसी रुकावट के चलता रहा। इससे क्रिसमस और सर्दियों की भीड़ के दौरान आशंका जताई जा रही अव्यवस्था टल गई। शनिवार दोपहर तक इंडिगो, जिसके करीब 200 ऐसे विमान प्रभावित हो सकते थे, ने 160 विमानों की जांच पूरी कर ली थी। IndiGo के प्रवक्ता ने कहा, “इंडिगो, ईएएसए और एयरबस के निर्देशों का पूरी तरह पालन करते हुए अपने A320 फैमिली विमानों की सभी आवश्यक जांच और अपडेट कर रहा है। अब तक पहचाने गए विमानों में से तीन-चौथाई की जांच पूरी हो चुकी है और बाकी विमानों पर भी काम तय समय में पूरा हो जाएगा।”

एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के पास भी A320 विमानों की बड़ी संख्या है और दोनों मिलकर घरेलू बाजार के 80 प्रतिशत से अधिक हिस्से को कवर करते हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस के पास Boeing B-737 भी हैं, जबकि स्पाइस जेट, अकासा एयरवेज केवल B-737 उड़ा रही हैं। कोलकाता में, जहां अकासा, स्पाइस जेट और एयर इंडिया एक्सप्रेस की सीमित सेवाएं हैं, A320 विमानों का संचालन लगभग 85 प्रतिशत उड़ानों में होता है।

JetBlue घटना के बाद सतर्कता बढ़ी

यह रिकॉल उस जांच के बाद शुरू हुआ जो Airbus ने 30 अक्टूबर को JetBlue की एक A320 उड़ान में हुई घटना पर की थी। कैंकून से न्यूयार्क जा रहे विमान की ऊंचाई अचानक गिर गई थी, जिसके बाद उसे टाम्पा में आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी और कई यात्री घायल हुए। कारण एक एलिवेटर कंट्रोलर फेलियर था, जिसकी वजह तीव्र सौर विकिरण से उड़ान नियंत्रण डेटा के खराब होने की आशंका जताई गई। इसके बाद एयरबस ने A320 परिवार के बड़ी संख्या में विमानों में समान जोखिम पाया। एक वरिष्ठ पायलट ने कहा, “JetBlue की घटना कुछ वैसी ही थी जैसी अक्टूबर 2018 में Lion Air और मार्च 2019 में Ethiopian Airlines के Boeing B737 Max विमानों में हुई थी।

MCAS सिस्टम, जिसे सुरक्षा के लिए बनाया गया था, वही दुर्घटनाओं की वजह बन गया। Airbus नहीं चाहता कि ऐसी गलती दोहराई जाए।” ट्रैवल एजेंटों ने राहत जताई कि उड़ानें ग्राउंड नहीं हुईं। अंजनी धानुका, ट्रैवेल एजेंट्स एसोसियेशन ऑफ इंडिया के पूर्वी अध्यक्ष व एयरकॉम ट्रैवेल्स के चेयरमैन ने कहा कि विमानों में यात्री की सुरक्षा सर्वोपरि है लेकिन A320 विमान आसमान से हटे, तो पूरी तरह अफरातफरी मच जाएगी।। ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईस्ट) के चेयरमैन अनिल पंजाबी ने कहा, “अगर A320 बेड़ा ग्राउंड हो गया, तो यह महामारी के समय जैसा होगा जब हवाई यात्रा लगभग ठप हो गई थी।

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