कोलकाता : अप्रेंटिसशिप अब केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार का मजबूत माध्यम बन रही है। बीओपीटी (ईआर) के आंकड़ों के अनुसार, एनएटीएस (NATS) के तहत प्रशिक्षण लेने वाले करीब 79 फीसदी युवाओं को प्रशिक्षण पूरा करने के बाद रोजगार मिला।
शनिवार को कोलकाता में आयोजित रीजनल अप्रेंटिसशिप डे-2026 में बोर्ड ऑफ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ईस्टर्न रीजन), शिक्षा मंत्रालय की ओर से यह जानकारी दी गयी। वित्त वर्ष 2025-26 में बीओपीटी (ईआर) ने एनएटीएस के तहत 1,45,449 अप्रेंटिस को प्रशिक्षण दिया, जिनमें से 1,15,193 को रोजगार मिला। इनमें कई प्रशिक्षुओं को उसी उद्योग में नौकरी मिली, जहां उन्होंने प्रशिक्षण हासिल किया, जबकि कुछ को अन्य प्रतिष्ठानों में रोजगार मिला।
बीओपीटी (ईआर) के निदेशक डॉ. एस.एम. इजाज अहमद ने कहा कि अप्रेंटिसशिप के जरिये स्नातक और डिप्लोमा इंजीनियरों को उद्योग की जरूरत के अनुरूप कौशल प्रदान किया जा रहा है। इससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने में मदद मिल रही है।
इस वित्त वर्ष बीओपीटी (ईआर) ने 1.5 लाख अप्रेंटिस को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। देशभर के सभी बीओएटी/बीओपीटी के माध्यम से करीब छह लाख अप्रेंटिस को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम में एमएसएमई क्षेत्र को कुशल और उद्योग-तैयार मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा अप्रेंटिसशिप-कम-जॉब मेलों के जरिये युवाओं को सीधे उद्योगों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।