कोलकाता सिटी

रासबिहारी में वक्फ जमीन पर तृणमूल कार्यालय का आरोप

केएमसी की कार्रवाई पर हाईकोर्ट की रोक

मधुर, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र के सतीश मुखर्जी रोड पर कथित अवैध निर्माण को लेकर रविवार को राजनीतिक और कानूनी विवाद तेज हो गया। कोलकाता नगर निगम ने जिस निर्माण को वक्फ संपत्ति का हिस्सा और तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय के रूप में चिह्नित किया था, उसे तोड़ने के लिए बुलडोजर और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। कार्रवाई को लेकर इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। केएमसी के इस निर्देश को चुनौती देते हुए संपत्ति पर मालिकाना हक का दावा करने वाली अनिता दास ने छुट्टी के दिन तत्काल कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

30 दिनों के लिए तोड़फोड़ पर रोक

मामले की रविवार को आपात सुनवाई न्यायमूर्ति राजा बसु चौधरी की पीठ में हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फिलहाल केएमसी की कार्रवाई पर 30 दिनों के लिए रोक लगा दी। अदालत ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि इस अवधि के भीतर संपत्ति से संबंधित सभी वैध दस्तावेजों के साथ बिल्डिंग ट्रिब्यूनल में आवेदन किया जाए।

बुलडोजर पहुंचने के बाद बढ़ा तनाव

घनी आबादी वाले इलाके में कथित अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाने के लिए केएमसी की टीम के साथ भारी पुलिस बल और बुलडोजर पहुंचा था। कार्रवाई शुरू होने से पहले ही इलाके में तनाव और अफरातफरी की स्थिति बन गई। याचिकाकर्ता अनिता दास ने निगम के आदेश को चुनौती देते हुए अदालत में दावा किया कि संबंधित संपत्ति पर उनका अधिकार है।

ट्रिब्यूनल के फैसले पर आगे की कार्रवाई

अदालत के निर्देश के मुताबिक, अब याचिकाकर्ता को 30 दिनों के भीतर संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बिल्डिंग ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश करने होंगे। इसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई होगी। यदि निर्धारित अवधि में संपत्ति के समर्थन में वैध दस्तावेज पेश नहीं किए जाते हैं, तो केएमसी को नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने का रास्ता मिल सकता है। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद कथित अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई पर अस्थायी रोक लग गई है। मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया अब बिल्डिंग ट्रिब्यूनल में दस्तावेजों की जांच पर निर्भर करेगी।

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