कोलकाता : जोड़ाबागान थाना अंतर्गत शंकर हलदर लेन इलाके में उग्र भीड़ ने तृणमूल की पूर्व पार्षद शिखा साहा के घर को निशाना बनाते हुए जमकर ईंटें और अंडे फेंके। हमले में पूर्व पार्षद और उनके जीजा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना 9 जून की दोपहर की है। कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 19 की पूर्व पार्षद शिखा साहा ने बुधवार को जोड़ाबागान थाने में इस संबंध में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हस्ताक्षर करने से मना करने पर हुआ विवाद
पुलिस सूत्रों के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब खुद को स्थानीय निवासी बताने वाली एक महिला साहा के घर पहुंची और उनसे एक सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर करने की मांग की। घटना को याद करते हुए साहा ने बताया,‘‘चूंकि केएमसी का वर्तमान बोर्ड भंग हो चुका है, इसलिए मैंने उस महिला को नीचे आकर शालीनता से समझाया कि अब मेरे पास आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर करने का अधिकार नहीं है। उस वक्त मेरे जीजा सुबर्ण चटर्जी भी वहीं मौजूद थे।’’ आरोप है कि साहा के इनकार करते ही पुरुषों और महिलाओं का एक बड़ा समूह वहां इकट्ठा हो गया और उन पर दबाव बनाने लगा। देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई। पूर्व पार्षद ने अपनी शिकायत में कहा, ‘‘भीड़ ने गालियां देनी शुरू कर दी और अपने साथ लाए अंडे व ईंटें हमारे ऊपर और घर की खिड़की-दरवाजों पर फेंकने लगे। सिर और शरीर पर ईंटें लगने से मैं और मेरे जीजा घायल हो गए।’’ हमलावरों ने न केवल संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, बल्कि भागने से पहले मुख्य द्वार पर लगा सीसीटीवी कैमरा भी तोड़ दिया। दोनों घायलों को निजी डॉक्टर से इलाज कराना पड़ा।