वाम संगठनों ने समीक्षा में उठाए सवाल 
कोलकाता सिटी

'रैली में घुसे थे उपद्रवी', घटना की समीक्षा के बाद वाम संगठनों का बड़ा दावा

वाम संगठनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

कोलकाता : राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर कोलकाता में आयोजित विरोध मार्च के दौरान हुई अव्यवस्था और हिंसक घटनाओं के बाद वामपंथी छात्र एवं युवा संगठनों ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की।

समीक्षा बैठक के बाद आयोजकों ने दावा किया कि रैली के दौरान कुछ असामाजिक और बाहरी तत्व जानबूझकर जुलूस में शामिल हो गए थे, जिन्होंने माहौल बिगाड़ने और आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की।

वाम संगठनों के नेताओं का कहना है कि विरोध मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किया गया था और इसका उद्देश्य केवल नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच तथा छात्रों के भविष्य की सुरक्षा की मांग उठाना था।

लेकिन रैली के दौरान कुछ संदिग्ध लोग अचानक भीड़ में शामिल हो गए और उकसावे वाली गतिविधियां शुरू कर दीं। आयोजकों का आरोप है कि इन्हीं तत्वों के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई और बाद में अव्यवस्था फैल गई।

समीक्षा बैठक के बाद जारी बयान में आयोजकों ने कहा कि रैली के दौरान वालंटियरों ने कुछ लोगों की गतिविधियों पर संदेह जताया था। हालांकि, बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण उन्हें तत्काल अलग करना संभव नहीं हो सका। उनका दावा है कि बाद में यही लोग हंगामे और टकराव की घटनाओं में सक्रिय दिखाई दिए।

वाम नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन को बदनाम करने के उद्देश्य से असामाजिक तत्वों ने सुनियोजित तरीके से रैली में घुसपैठ की। उन्होंने पुलिस से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने, सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर ऐसे लोगों की पहचान करने तथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन छात्रों के हितों और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर था तथा किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून-व्यवस्था भंग करने की घटना का वे समर्थन नहीं करते। उनका कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए बड़े प्रदर्शनों में सुरक्षा व्यवस्था और समन्वय को और मजबूत किया जाएगा।

वहीं, पुलिस ने कहा है कि रैली के दौरान हुई घटनाओं की जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अव्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार था और क्या वास्तव में बाहरी तत्वों की भी भूमिका रही।

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