कोलकाता : आनंदपुर थाना क्षेत्र के पश्चिम चौबागा स्थित सुंदरिनी मिल्क एंड स्वीट प्लांट में हुए कथित हिंसक हमले और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इस घटना में प्लांट के एक सुरक्षाकर्मी के सिर में गंभीर चोटें आयी हैं। शिकायत के अनुसार, हमलावरों ने प्लांट परिसर में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। उन्होंने मशीनों और अन्य उपकरणों को क्षतिग्रस्त किया, तैयार मिठाइयों को नष्ट किया, एलपीजी सिलेंडरों को जमीन पर फेंक दिया और कांच के उपकरणों सहित प्रयोगशाला को भी तहस-नहस कर दिया। हालांकि, इस घटना में हुए कुल आर्थिक नुकसान का आधिकारिक आकलन अभी तक सामने नहीं आया है। बताया गया है कि यह प्लांट दक्षिण 24 परगना के एक जिला स्तरीय दुग्ध संघ से जुड़ा है और “सुंदरिनी” ब्रांड के तहत संचालित होता है। शिकायत में संगठन ने कहा है कि इस हमले से प्लांट के संचालन पर असर पड़ा है और ऑर्गेनिक दूध की आपूर्ति से जुड़े दायित्वों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। पुलिस ने मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 54, 118(1), 324 और 351(2) के तहत दर्ज किया है। यह प्राथमिकी प्लांट के अकाउंट्स ऑफिसर एवं प्रभारी द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है।
क्या है पूरा मामला
शिकायत के मुताबिक, घटना 24 मार्च की शाम करीब 6 बजे पश्चिम चौबागा में सरस्वती प्रिंट फैक्ट्री के पास, चाइना मंदिर के निकट स्थित प्लांट में हुई। शिकायत में विक्की कुमार सिंह, तिलोक झा समेत कुछ अन्य स्थानीय युवकों को अभियुक्त बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, अभियुक्त प्लांट में घुस आये और वहां मौजूद कर्मचारियों को धमकाते हुए काम बंद करने और परिसर छोड़ने के लिए कहा। साथ ही, निर्देशों का पालन नहीं करने पर दोबारा हमला करने की चेतावनी भी दी गई। घटना के दौरान सुरक्षाकर्मी महाराज सरदार ने जब विरोध किया, तो आरोप है कि हमलावरों ने उस पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आयी। शिकायत के साथ मेडिकल दस्तावेज और चोटों की तस्वीरें भी जमा कराई गयी हैं। जांचकर्ताओं के अनुसार, अभियुक्तों ने मिलकर इस हमले और तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया। प्राथमिकी में मारपीट और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप दर्ज हैं। पुलिस ने मामले में मारपीट, आपराधिक धमकी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों की जांच शुरू कर दी है।