पिछले साल 780 बाइक-स्कूटी सवार घायल
तेज रफ्तार के मामलों में 26,785 बाइक और स्कूटी चालकों पर कार्रवाई
हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग और ईएम बाईपास पर पुलिस की विशेष नजर
दीपक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता:
महानगर में तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। लालबाजार की ओर से जारी पिछले साल के यातायात संबंधी आंकड़ों के अनुसार, कोलकाता में सड़क हादसों में कुल 1,830 लोग घायल हुए, जबकि 154 लोगों की मौत हुई। घायलों में दोपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठने वाले सवारों की संख्या उल्लेखनीय रही। आंकड़ों के मुताबिक, बाइक और स्कूटी सवार कुल 780 लोग दुर्घटनाओं में घायल हुए।लालबाजार ने इस साल पहली बार अंग्रेजी के साथ बांग्ला भाषा में भी यातायात दुर्घटनाओं से जुड़े आंकड़े प्रकाशित किए हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि तेज रफ्तार के मामलों में दोपहिया वाहन सबसे आगे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बाइक और स्कूटी चालकों द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन की शिकायतें अधिक मिल रही हैं। इसे देखते हुए दुर्गापूजा के दौरान भी दोपहिया वाहनों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
तेज रफ्तार के मामलों में बाइक-स्कूटी सबसे आगे
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल तेज रफ्तार से वाहन चलाने के आरोप में 26,785 बाइक और स्कूटी चालकों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। इस सूची में निजी कारें दूसरे स्थान पर रहीं, जिनके 7,476 मामलों में कार्रवाई की गई। निजी बसों के खिलाफ 5,814 मामले दर्ज हुए। अन्य वाहनों में मध्यम मालवाहक वाहनों के 3,562, लग्जरी टैक्सियों के 3,036, मिनी बसों के 1,837, छोटे मालवाहक वाहनों के 1,779, ऑटो-रिक्शा के 1,752 और बड़े मालवाहक वाहनों के 838 मामले दर्ज किए गए।
हेलमेट और ट्रिपल राइडिंग पर सख्ती
दोपहिया वाहन चालकों की लापरवाही पर अंकुश लगाने के लिए कोलकाता पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। बिना हेलमेट वाहन चलाने और बाइक पर तीन लोगों के सवार होने यानी ट्रिपल राइडिंग के मामलों पर विशेष नजर रखी जा रही है। सभी ट्रैफिक गार्डों को निर्देश दिया गया है कि वे ईएम बाईपास पर तेज रफ्तार से चलने वाली बाइक और स्कूटी के खिलाफ सतर्क रहें।
हादसों में पुरुष बाइक सवार अधिक प्रभावित
लालबाजार के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल बाइक चालकों में 580 पुरुष और 44 महिलाएं दुर्घटनाओं में घायल हुईं। वहीं, बाइक पर पीछे बैठने वाले 94 पुरुष और 62 महिलाएं भी घायल हुईं। इसके अलावा सड़क हादसों में 416 पुरुष और 207 महिला पैदल यात्रियों को चोटें आईं। विभिन्न अन्य वाहनों में सवार 169 यात्री भी दुर्घटनाओं में घायल हुए। आंकड़े महानगर में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौती की ओर इशारा करते हैं। तेज रफ्तार, हेलमेट के नियमों की अनदेखी और ट्रिपल राइडिंग जैसी लापरवाहियों पर नियंत्रण के लिए पुलिस की सख्ती के साथ-साथ वाहन चालकों की जिम्मेदारी भी अहम है।