जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मायापुर में टोटो की वजह से हो रही दिक्कतों का हवाला देते हुए एक पीआईएल दायर की गई है। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ जुबानी जमाखर्च से इस मसले का हल नहीं निकल सकता है। एक्टिंग चीफ जस्टिस तपब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस अतरूप बनर्जी के डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को इस बाबत एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।
इस पीआईएल में परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव की तरफ से सात अगस्त को जारी एक अधिसूचना का हवाला दिया गया है। इसमें कहा गया है कि नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर टोटो नहीं चलेंगे। डिवीजन बेंच ने मायापुर का हवाला देते हुए कहा कि नदिया जिले में दस हजार से अधिक टोटो है पर उनमें से रजिस्टर्ड टोटो की संख्या साढ़े चार हजार के करीब है। डिवीजन बेंच ने कहा की प्रमुख सचिव के अधिसूचना जारी करने भर से इस समस्या का हल नहीं निकल सकता है। जमीनी स्तर पर इसका हल तलाश करना पड़ेगा। अगर राज्य सरकार की सदीक्षा हो तभी यह हो सकता है। डिवीजन बेंच ने कहा कि हमारा मानना है कि इस मामले में सिर्फ नदिया जिले की एसपी को ही नहीं सभी जिलों के एसपी को कार्रवाई करनी चाहिए। डिवीजन बेंच ने सवाल किया कि इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है। सिर्फ मायापुर में ही नहीं जीटी रोड हो या जेसोर रोड हर जगह एक ही हाल है। डिवीजन बेंच ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस मसले को हल करने की दिशा में उपयुक्त कदम उठाएगी