कोलकाता : हिंदुस्तान क्लब लिमिटेड की ओर से आयोजित विचार-विमर्श मंच ‘एच-टॉक्स’ के विशेष सत्र में पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री, सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता मीनाक्षी लेखी ने विकसित भारत के निर्माण में नारी शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि देश की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब महिलाओं को सामाजिक-आर्थिक विकास, नीतिगत निर्णयों और सामुदायिक नेतृत्व में समान अवसर मिले।
कार्यक्रम में कॉर्पोरेट जगत की हस्तियों, वरिष्ठ नीति-निर्माताओं और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सत्र का संचालन ऋषभ कोठारी और स्वाति बिहानी ने किया। चर्चा के दौरान सुशासन, संवैधानिक दायित्व, समावेशी विकास और सामाजिक परिवर्तन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
अपने संबोधन में मीनाक्षी लेखी ने कहा कि महिला-नेतृत्व वाला विकास देश को प्रगति की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने संस्थागत जवाबदेही, प्रभावी प्रशासन और जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उनके अनुसार, महिलाओं की भागीदारी को विकास की मुख्यधारा में शामिल करना राष्ट्रीय परिवर्तन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जरूरी है।
इस अवसर पर हिंदुस्तान क्लब के अध्यक्ष सी. एस. सरदा ने कहा कि क्लब राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सार्थक संवाद को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मीनाक्षी लेखी के अनुभवों और विचारों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को समकालीन चुनौतियों और विकास की संभावनाओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में संवादात्मक चर्चा हुई, जिसमें उपस्थित लोगों ने नीतिगत उपायों और नागरिक संस्थाओं की भूमिका पर अपने विचार रखे। आयोजन के माध्यम से महिला सशक्तीकरण, सुशासन और समावेशी विकास जैसे विषयों पर विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला। हिंदुस्तान क्लब की यह पहल राष्ट्रीय मुद्दों पर जागरूकता और रचनात्मक संवाद स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।