कोलकाता सिटी

ममता की श्रीरामपुर सभा का मामला वापस सिंगल बेंच में

हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के बेंच ने दिया आदेश

Munmun Thakur

महेश के ट्रस्टी समीक्षा याचिका दायर करेंगे

जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की श्रीरामपुर के महेश में 11 सितंबर को होने वाली सभा का मामला वापस सिंगल बेंच में चला गया। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रविंद्र वी घोगे और जस्टिस तपव्रत चक्रवर्ती डिवीजन बेंच ने शुक्रवार को यह आदेश दिया। महेश के मैदान के ट्रस्टी की तरफ से कहा गया कि यह एक निजी संपत्ति है और इसमें सभा करने की अनुमति हाईकोर्ट कैसे दे सकता है। राज्य सरकार की तरफ से भी जस्टिस सौगत भट्टाचार्य के फैसले के खिलाफ दायर अपील में यही सवाल उठाया गया है। तृणमूल कांग्रेस की तरफ से इस पिटीशन की ग्रहणयोग्यता पर सवाल उठाया गया।

मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ने सवाल किया की सिंगल बेंच के आदेश में महेश में सभा की जाने की अनुमति का उल्लेख नहीं है। जब सिंगल बेंच ने इस तरह का कोई आदेश ही नहीं दिया है तो उसके आदेश पर विचार करना युक्ति संगत नहीं होगा। उन्होंने महेश के मैदान के ट्रस्टी से सवाल किया कि बृहस्पतिवार को आप कहां थे। उनके एडवोकेट ने जवाब दिया कि सिंगल बेंच के आदेश दिए जाने के पहले तक वे इस मामले में पार्टी नहीं थे। सिंगल बेंच के आदेश के बाद ही उनका हित प्रभावित हुआ है, इसलिए उन्होंने मामला दायर किया है। इस मौके पर जस्टिस चक्रवर्ती ने सवाल किया कि बृहस्पतिवार को इस मामले में उस क्षेत्र के दुकानदार भी पार्टी थे, आज वे कहां है। क्योंकि जिस एडवोकेट ने बृहस्पतिवार को उनकी तरफ से पैरवी की थी वही आज महेश की तरफ से पैरवी कर रहा था। चीफ जस्टिस ने आदेश दिया है कि समीक्षा याचिका 15 सितंबर को दायर की जाएगी और 16 सितंबर को इसका जवाब प्रतिवादी देंगे। चीफ जस्टिस ने सिंगल बेंच से अनुरोध किया है कि 17 और 18 सितंबर के बीच सुनवाई करके फैसला सुना दिया जाए। तृणमूल कांग्रेस की तरफ से पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने कहा कि मूल पिटीशन श्रीरामपुर थाने के आईसी की तरफ से दायर किया गया था। अब गृह विभाग के प्रमुख सचिव ने अपील दायर की है लिहाजा इसे खारिज किया जाए। चीफ जस्टिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए सिंगल बेंच के पास भेज दिया।

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