कोलकाता : विश्व स्ट्रोक दिवस के अवसर पर मणिपाल हॉस्पिटल्स ईएम बाइपास और मुकुंदापुर की ओर से स्ट्रोक के लक्षणों, बचाव और समय पर उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों ने स्ट्रोक के शुरुआती संकेतों को पहचानने और बिना देरी चिकित्सा सहायता लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में मणिपाल हॉस्पिटल्स मुकुंदपुर के तंत्रिका रोग विभाग के निदेशक डॉ. जयंत रॉय और वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अम्लान मंडल, पूर्वी क्षेत्र के तंत्रिका इंटरवेंशन विशेषज्ञ डॉ. सुकल्याण पुरकायस्थ तथा ईएम बाइपास के तंत्रिका रेडियोलॉजी सलाहकार डॉ. निर्मल्य रॉय शामिल हुए।
चिकित्सकों ने ‘बीई फास्ट’ पद्धति के जरिए स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण समझाए। इसमें संतुलन बिगड़ना, दृष्टि में अचानक बदलाव, चेहरे का एक ओर झुकना, बांह में कमजोरी और बोलने में परेशानी शामिल हैं। ऐसे किसी भी लक्षण के सामने आने पर तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी गई।
डॉ. जयंत रॉय ने कहा कि स्ट्रोक के उपचार में हर मिनट महत्वपूर्ण है और देरी से मस्तिष्क को गंभीर नुकसान हो सकता है। वहीं, डॉ. अम्लान मंडल ने बताया कि स्ट्रोक केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है, युवा भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
विशेषज्ञों ने उच्च रक्तचाप, मधुमेह और बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने, नियमित व्यायाम करने तथा संतुलित आहार अपनाने पर भी बल दिया। उन्होंने चेताया कि स्ट्रोक जैसे लक्षण अस्थायी रूप से समाप्त हो जाएं, तब भी तत्काल चिकित्सकीय जांच जरूरी है।