घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे डीसी नॉर्थ दिनेश कुमार 
कोलकाता सिटी

आरजी कर अस्पताल की लिफ्ट से गिरकर व्यक्ति की मौत

मृतक के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज, 5 लोगों से हुई पूछताछ

कोलकाता : आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में लिफ्ट में फंसने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में उसकी पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गयी। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। मृतक की पहचान अरूप बंद्योपाध्याय (40) के रूप में हुई है। वह दमदम के नागेरबाजार के रहनेवाले थे। पुलिस के अनुसार मृतक के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस घटना में बीएनएस की धारा 105/3(5) यानी गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस 5 लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ कर रही है। यह भी पता चला है कि इस घटना में अरूप का दिल, फेफड़े और लिवर फट गए थे और उसके पैर, हाथ और पसलियां भी टूट गई थीं।

मृतक का फाइल फोटो

क्या है पूरा मामला

बताया गया कि वह अपने चार साल के बच्चे के पैर में फ्रैक्चर होने के कारण गुरुवार रात करीब 8 बजे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को ट्रॉमा केयर बिल्डिंग में ऑपरेशन के लिए भेजा गया। इलाज के बाद परिजनों की मदद से वे नीचे आए थे। लेकिन शुक्रवार को तड़के करीब 4:05 बजे दोबारा ऑपरेशन के लिए पांचवीं मंजिल पर जाने के दौरान हादसा हुआ। अरूप अपने बच्चे और पत्नी के साथ लिफ्ट में सवार हुए, लेकिन लिफ्ट पांचवीं मंजिल के बजाय बेसमेंट में चली गई। बताया जा रहा है कि अरूप को लगा कि वे पांचवीं मंजिल पर पहुंच गए हैं और वह बच्चे को लेकर लिफ्ट से उतर गए। जब उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ तो दोबारा लिफ्ट में चढ़ गये। आरोप है कि जब वह अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग के फ्लोर पर पहुंचे तो लिफ्ट का ग्रिल बंद पाया। इस दौरान लिफ्ट का दरवाजा खुलते ही बच्चा दूसरे ग्रिल में फंस गया और अरूप और उसकी पत्नी वहां से नीचे गिर गये। हादसे में दोनों को गंभीर चोट आयी। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई। मौके पर केंद्रीय बल पहुंचा और अरूप को निकालकर डॉक्टरों के पास ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। बाद में घटना की सूचना पाकर डीसी नॉर्थ दिनेश कुमार और टाला थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। घटना में घायल चार वर्षीय बच्चे का इलाज अस्पताल में जारी है। परिजनों की शिकायत के आधार पर टाला थाने में मामला दर्ज किया गया है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट में अरूप के शरीर पर बाहर और आंतरिक कुल 25 चोट के निशान पाए गए हैं। हृदय, फेफड़े और यकृत फट गए थे, साथ ही पैर, हाथ और पसलियों की हड्डियां भी टूट गई थीं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, लिफ्ट में तकनीकी खराबी के कारण यह हादसा हुआ। वहीं, कुछ कर्मचारियों का दावा है कि लिफ्ट की नियमित देखभाल नहीं की जाती। अस्पताल के एमएसवीपी ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी लिफ्ट की जांच कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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