कोलकाता : महानगर के सिंथी इलाके में रहने वाले एक 75 वर्षीय बुजुर्ग के साथ सनसनीखेज धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने खुद को जांच एजेंसी का सदस्य बताकर बुजुर्ग को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का डर दिखाया और उनके बैंक खाते से 20 लाख रुपये ठग लिये। पीड़ित सौमेंद्र नाथ सान्याल ने इस संबंध में सिंथी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित के अनुसार, अप्रैल 2026 के महीने में उनके पास अज्ञात नंबरों से फोन आए। फोन करने वालों ने दावा किया कि पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के सिलसिले में तमिलनाडु से दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है। उन आतंकवादियों के पास से सौमेंद्र नाथ सान्याल के नाम का 'आधार कार्ड' बरामद हुआ है। जालसाजों ने बुजुर्ग को डराते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल आतंकवादी बैंक खाता खोलने और फंडिंग के लिए कर रहे थे। उन्होंने पीड़ित पर 'टेरर फंडिंग' में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया और धमकी दी कि यदि उन्होंने "जांच" में सहयोग नहीं किया, तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जालसाजों ने 5 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच उन्हें दिन में तीन से चार बार रिपोर्ट करने को मजबूर किया।
घबराए हुए बुजुर्ग को जालसाजों ने निर्देश दिया कि वे अपनी सभी फिक्स्ड डिपॉजिट को समय से पहले तुड़वाकर अपने बचत खाते में जमा करें। इसके बाद, दबाव बनाकर उन पैसों को आरटीजीएस के माध्यम से बताए गए अज्ञात खातों में ट्रांसफर करवा लिया गया। पैसे ट्रांसफर करने के कुछ समय बाद बुजुर्ग को एहसास हुआ कि वे एक सोची-समझी साजिश और धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं।