कोलकाता : महानगर में साइबर अपराधियों द्वारा फर्जी जांच एजेंसियों का डर दिखाकर ठगी करने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला बागबाजार इलाके से सामने आया है, जहां 83 वर्षीय बुजुर्ग शुभ करण बांठिया से खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाले ठगों ने 39 लाख रुपये की ठगी कर ली। बागबाजार के गिरीश एवेन्यू के रहनेवाले वृद्ध ने श्यामपुकुर थाने में घटना की शिकायत दर्ज करायी है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार ठगी के शिकार हुए शुभकरण बांठिया ने बताया कि 5 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 3 बजे उन्हें व्हाट्सऐप के माध्यम से एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम नवी कुमार बताया और खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। ठग ने बांठिया पर मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया और गिरफ्तारी की धमकी देकर उन्हें भय और मानसिक दबाव में डाल दिया। लगातार संपर्क कर उन्हें डराया गया, जिससे वे काफी घबरा गए। इस भय और दबाव के चलते बांठिया ने 6 अप्रैल 2026 को अपने पंजाब नेशनल बैंक, बागबाजार शाखा के खाते से आरटीजीएस के जरिए 39 लाख रुपये एक कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर दिये। यह खाता एक प्राइवेट बैंक की प्रिंस अनवर शाह रोड शाखा में स्थित है। बाद में जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ, तब उन्होंने तुरंत शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि यह राशि उनकी जीवन भर की जमा पूंजी थी और इस घटना के बाद वे गहरे आर्थिक और मानसिक संकट में हैैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज की जाए और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत कार्रवाई की जाए। साथ ही, साइबर क्राइम सेल को जांच में शामिल कर जल्द से जल्द ठगी की रकम बरामद करने के प्रयास किये जायें। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ऐसे मामलों में अपराधी खुद को सीबीआई, एनआईए या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को “डिजिटल अरेस्ट” या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाते हैं।