विधाननगर: शेयर ट्रेडिंग के बहाने न्यूटाउन के एक वरिष्ठ नागरिक को लगभग 2.10 करोड़ रुपये की ठगी का सामना करना पड़ा। पीड़ित वृद्ध ने पुलिस को बताया कि उन्हें दिसंबर 2025 में एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल किया और उन्हें विशेष निवेश समूहों में शामिल होने के लिए मनाया। आरोप है कि जालसाजों ने वॉट्सएप ग्रुप्स और मोबाइल एप्स के जरिए वृद्ध को फंसाया और ठगी को अंजाम दिया।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित न्यूटाउन के एक हाईराइज कॉम्प्लेक्स में रहते हैं। कॉलर ने उन्हें कई वॉट्सएप वीआईपी निवेश समूहों में जोड़ा, जहां संस्थागत ट्रेडिंग, आईपीओ और स्टॉक सिफारिशों के माध्यम से उच्च लाभ का वादा किया गया। शुरुआती चरण में उन्हें 25 हजार रुपये निवेश करने के लिए कहा गया और उन्हें ऐप पर त्वरित मुनाफा दिखाई देने का दिखावा किया गया। इस झांसे में फंसकर पीड़ित ने धीरे-धीरे बड़े निवेश के लिए प्रेरित होना शुरू किया।
पुलिस के अनुसार, दिसंबर 2025 के मध्य से जनवरी 2026 के अंत तक वृद्ध ने अपने छह बैंक खातों से कुल 2.10 करोड़ रुपये कथित निवेश योजना में जमा किए। शुरुआत में लाभ का झांसा देकर उन्हें भरोसा दिलाया गया, लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, ऐप में दिखाई गई राशि को निकालने पर उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्हें पता चला कि ग्रुप के सभी सदस्यों से संपर्क बंद हो चुका है और ऐप तक उनकी पहुंच भी अवरुद्ध कर दी गई थी।
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि धोखाधड़ी की यह योजना बड़ी ही सुनियोजित तरीके से बनाई गई थी, जिसमें तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल करके पीड़ित को विश्वास में लिया गया। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य संभावित जालसाजों और फर्जी ऐप की पहचान करने के प्रयास में है।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश के नाम पर ऐसी ऑनलाइन ठगी के मामलों में सावधानी बेहद जरूरी है। वे लोग जो वॉट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से निवेश के झांसे में आते हैं, उन्हें हमेशा सरकारी रूप से पंजीकृत प्लेटफॉर्म और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से ही निवेश करना चाहिए।
पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अज्ञात कॉल या वॉट्सएप लिंक के माध्यम से शेयर या निवेश योजनाओं में शामिल होने से पहले सतर्कता बरतें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत रिपोर्ट करें।