फाइल फोटो 
कोलकाता सिटी

पालतू कुत्ते की मौत पर हंगामा, पशु अस्पताल में डॉक्टरों और गार्डों से मारपीट

सॉल्ट लेक के पशु अस्पताल की घटना

विधाननगर : सॉल्टलेक स्थित स्टेट एनिमल हेल्थ सेंटर में पिछले सप्ताह एक पालतू कुत्ते की मौत के बाद कथित तौर पर उसके मालिक और परिवार के सदस्यों द्वारा डॉक्टरों और सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। अस्पताल के पशु चिकित्सा अधिकारी-प्रभारी की शिकायत के आधार पर विधाननगर साउथ थाना पुलिस ने उत्तर कोलकाता के मुरारीपुकुर रोड निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ सरकारी काम में बाधा और हमला करने सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कराया है।

क्या है पूरा मामला

अस्पताल के अधिकारी डॉ. अभिजीत दत्ता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह घटना 2 मार्च को शाम करीब 6:30 बजे साल्ट लेक के सेक्टर 3 स्थित एलबी-2 परिसर में बने राज्य पशु स्वास्थ्य केंद्र में हुई। उस समय एक परिवार अपने गंभीर रूप से बीमार 10 वर्षीय पोमेरेनियन कुत्ते को इलाज के लिए लेकर आया था। अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘कुत्ते को तेज बुखार था। सुबह ओपीडी में उसका उपचार किया गया और आवश्यक दवाइयों की सलाह देकर परिवार को घर भेज दिया गया। लेकिन शाम को वे फिर से कुत्ते को लेकर लौटे, तब उसका शरीर का तापमान 103 से 107 डिग्री तक पहुंच चुका था। हमने उसे बचाने के लिए आइस बाथ सहित कई उपचार किए, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।’ कुत्ते की मौत होते ही परिवार के सदस्य भड़क उठे और अस्पताल के कर्मचारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए हंगामा करने लगे। अधिकारियों के अनुसार, ‘कुछ ही देर में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। समूह ने गाली-गलौज करने के साथ ही ओपीडी में हंगामा शुरू कर दिया, जबकि उस समय अन्य मरीजों का इलाज जारी था।’ ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी भागीरथ धर और इंद्राणी कुंडू ने स्थिति को शांत कराने और व्यवस्था बहाल करने की कोशिश की, ताकि अन्य पशुओं का इलाज जारी रह सके। लेकिन आरोप है कि परिवार के सदस्यों ने उनकी बात अनसुनी कर दी और उनके साथ भी मारपीट की। जब अस्पताल के अन्य कर्मचारी उन्हें शांत कराने पहुंचे, तो उन पर भी हमला किया गया। इस दौरान कार्यालय सहायक संजीब मल्लिक और फार्मासिस्ट दारुल होदा भी कथित रूप से मारपीट का शिकार हुए। अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि घटना के समय ओपीडी में करीब 35 से 40 मरीज उपचार के इंतजार में थे। हंगामे के कारण कुछ समय के लिए अस्पताल की सेवाएं बाधित हो गईं और बाद में पुलिस को बुलाना पड़ा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि डोल और होली के कारण कई कर्मचारियों की छुट्टियां होने से मामले पर औपचारिक शिकायत दर्ज करने का निर्णय 7 मार्च को लिया गया, जिसके बाद रविवार को शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटना की पूरी जानकारी के लिए ओपीडी के सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

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