कोलकाता: भवानीपुर सीट से हार के बावजूद ममता बनर्जी ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि किसी भी सूरत में वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी जो विरोध का प्रतीक है और चुनाव में कथित अनियमितताओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगी। कालीघाट में नव-निर्वाचित विधायकों के साथ बैठक में उन्होंने पार्टी को एकजुट रहने का संदेश दिया और जल्द फैक्ट-फाइंडिंग टीम भेजने की घोषणा की।
ममता ने कहा, “चाहे कुछ भी हो जाए मैं इस्तीफा नहीं दूंगी। अगर बर्खास्त करना है तो करें, लेकिन वह दिन काला दिन होगा।” उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में “राष्ट्रपति शासन जैसी स्थिति” बनाई गई है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर अंतरराष्ट्रीय अदालत का भी रुख किया जा सकता है। बैठक में उन्होंने कार्यकर्ताओं से अंदरघात करने वालों के नाम बताने को कहा और विश्वास जताया कि पार्टी फिर मजबूती से खड़ी होगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के दिन पार्टी कार्यालय में रवींद्र संगीत बजाया जाए। बैठक में मौजूद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पार्टी का नेतृत्व ममता बनर्जी ही करेंगी और संगठन उनके साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। 80 में से 71 विधायकों की मौजूदगी वाली इस बैठक में 9 विधायकों की अनुपस्थिति ने अटकलें तेज कर दी हैं।
पार्टी के सामने इस समय एकजुटता बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। तृणमूल ने चुनाव बाद हिंसा के आरोपों की जांच के लिए 10 सदस्यीय कमेटी गठित करने का फैसला किया है। साथ ही अनुशासन बनाए रखने के लिए डेरेक ओ'ब्रायन, फिरहाद हकीम और चंद्रिमा भट्टाचार्य समेत नेताओं को शामिल कर एक विशेष समिति बनाई गई है। बैठक में विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन और भाजपा सरकार के खिलाफ रणनीति पर भी चर्चा हुई।