कोलकाता : अंतिम चरण के मतदान से पहले सोमवार को चुनाव प्रचार का औपचारिक समापन हो गया और इस आखिरी समय में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़ना चाहती थी। प्रचार के अंतिम क्षणों में पार्टी सुप्रीमो तथा निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रचार करती नजर आईं।
जादवपुर के सुलेखा क्रॉसिंग से अलीपुर के गोपालनगर तक, लगभग 16 किमी लंबी पदयात्रा में उनकी पार्टी के सभी स्तरों के नेता-नेत्रियों के साथ-साथ एक अतिरिक्त आकर्षण के रूप में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तथा आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे। इस रैली से ममता ने संदेश दिया कि वह आज भी 'स्ट्रीट फाइटर' हैं और आगे भी रहेंगी।
सोमवार के शाम करीब चार बजे जादवपुर के सुकांत सेतु से ममता बनर्जी का मेगा रोड शो शुरू हुआ। भीषण गर्मी को नजरअंदाज करते हुए अनगिनत लोग और पार्टी कार्यकर्ता पहले से ही सड़कों पर जुटे हुए थे। सुकांत सेतु से जैसे ही उनकी पदयात्रा शुरू हुई, लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इसके बाद जुलूस सीधे ढाकुरिया ब्रिज पहुंचा।
इतनी दूरी पैदल तय करने के बाद ममता बनर्जी ढाकुरिया ब्रिज से पार्षद असीम बोस की स्कूटी पर सवार हुईं और वहां से सीधे गोलपार्क पहुंचीं। गोलपार्क से उन्होंने दोबारा यात्रा शुरू की, लोगों से संपर्क बढ़ाने के लिए सड़कों पर चलती रहीं और हाजरा से गोपालनगर तक पदयात्रा की। इस लंबे जुलूस में तृणमूल नेता को कई बार आम लोगों के बीच घुलते-मिलते देखा गया।
कड़ी सुरक्षा के बीच भी उन्होंने सड़क किनारे खड़े लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। कहीं महिलाओं ने शंखध्वनि और उलुध्वनि से उनका स्वागत किया, तो कहीं घरों की छतों और बालकनियों से फूल बरसाए गए। इस रैली में टीएमसी के कई प्रमुख नेता शामिल हुए, जिनमें टॉलीगंज से उम्मीदवार अरूप विश्वास, जादवपुर के देवब्रत मजुमदार, रासबिहारी के देवाशीष कुमार, बालीगंज के शोभनदेव चट्टोपाध्याय और कसबा के जावेद खान प्रमुख थे।
साथ ही फिरहाद हकीम, सांसद नदीमुल हक, सायनी घोष और अन्य स्थानीय नेता भी मौजूद रहे। आयोग के नियमों का पालन करते हुए तय समय के भीतर शाम 5-30 बजे गोपालनगर में प्रचार समाप्त किया गया।