कोलकाता : विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण से पहले भवानीपुर के चक्रबेड़िया इलाके में राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने आ गए। दोनों नेताओं की मौजूदगी से इलाके में तनाव का माहौल बन गया और एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए।
स्थिति उस समय गरमा गई जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने लगातार दौरों के बीच चक्रबेड़िया पहुंचीं और केंद्रीय बलों की कथित ज्यादतियों को लेकर पार्टी नेता असीम बोस व अन्य से बातचीत कर रही थीं। इसी दौरान शुभेंदु अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और अपनी मौजूदगी से लगभग उनके साथ-साथ रहकर स्थिति पर नजर रखने लगे, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ आकर मतदाताओं को डराने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी घर में जाने पर उन्हें आपत्ति नहीं है, लेकिन 50-60 लोगों को इकट्ठा (हालांकि ज़्यादातर पत्रकार थे) करना उचित नहीं।
उन्होंने दावा किया कि इस क्षेत्र में 99 प्रतिशत वोट भाजपा के पक्ष में जा रहे हैं और इसी वजह से दबाव बनाने की कोशिश हो रही है। वह करीब 15 मिनट तक क्षेत्र का जायजा लेने के बाद चले गए। दूसरी ओर, ममता बनर्जी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी हमेशा शांतिपूर्ण मतदान चाहती है।
उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि लोग बिना किसी डर के अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें।” हालांकि, मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों और केंद्रीय बलों, विशेषकर सीआरपीएफ पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि बाहरी राज्यों से आए अधिकारी स्थानीय परिस्थितियों को नहीं समझते और तृणमूल कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रात में बिना सूचना घरों में तलाशी ली जा रही है और लोगों को परेशान किया जा रहा है। ममता ने एक स्थानीय पार्षद के घर पर देर रात कथित कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी अनुपस्थिति में परिवार को डराया गया। कुल मिलाकर, दोनों नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है।