कोलकाता: जिस वाम मोर्चा के खिलाफ कभी ममता बनर्जी ने लंबी राजनीतिक लड़ाई लड़ी थी, आज वही ममता बंगाल में विपक्षी एकता बनाने के लिए उनके दरवाज़े खटखटा रही हैं। शनिवार को रवींद्र जयंती के अवसर पर कालीघाट स्थित अपने आवास से उन्होंने पश्चिम बंगाल में विपक्षी एकता का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सभी लोकतांत्रिक और भाजपा-विरोधी दलों को साथ आकर एक साझा मंच बनाने पर विचार करना चाहिए। ममता बनर्जी ने वाम, अति-वाम और अन्य राष्ट्रीय दलों से अपील करते हुए कहा, “जो भी बात करना चाहते हैं, वे मुझसे संपर्क कर सकते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि छात्र-युवा संगठनों और सामाजिक संस्थाओं को भी इस पहल से जुड़ना चाहिए। उनके अनुसार, यह समय मतभेद भुलाकर लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का है। ममता ने कहा, “अब यह सोचने का समय नहीं है कि कौन किस दल से है। देश और बंगाल के हित में सभी लोकतांत्रिक ताकतों को मिलकर काम करना होगा।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि दिल्ली के साथ-साथ बंगाल में भी विपक्षी एकता मंच तैयार करने की आवश्यकता है। तृणमूल सुप्रीमो ने कहा कि सिद्धांतों और नैतिकता की यह लड़ाई आगे बढ़ेगी और सभी “शुभ शक्तियों” को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने संकेत दिया कि संगठन छोड़ने या जुड़ने वालों के लिए दरवाज़े खुले रहेंगे और लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में सभी का स्वागत किया जाएगा।