कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान के दौरान तृणमूल कांग्रेस ने निगरानी के लिए ‘वॉर रूम’ रणनीति अपनाई है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी कालीघाट स्थित कंट्रोल रूम से पूरे राज्य की चुनावी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। इस वॉर रूम से 16 जिलों की 152 सीटों से संबंधित सूचनाएं एकत्र की जा रही हैं।
एक समन्वित नेटवर्क के माध्यम से बूथ स्तर तक की रिपोर्ट सीधे कालीघाट पहुंच रही है। जहां भी किसी प्रकार की गड़बड़ी, ईवीएम में समस्या या प्रशासनिक बाधा की सूचना मिलती है, वहां तुरंत जिला नेतृत्व को आवश्यक निर्देश भेजे जा रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व इस बार किसी भी संभावित अनियमितता को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। इसी कारण मतदान के दिन बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों से दूरी बनाकर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने पूरी तरह से निगरानी को प्राथमिकता दी है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस रणनीति का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखना और किसी भी विवाद की स्थिति में तुरंत हस्तक्षेप करना है। ममता बनर्जी पहले ही कार्यकर्ताओं को निर्देश दे चुकी हैं कि ईवीएम में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराई जाए और जरूरत पड़ने पर मशीन बदलने की मांग की जाए।
विश्लेषकों का मानना है कि ‘वॉर रूम’ मॉडल के जरिए तृणमूल कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया पर रियल-टाइम नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश कर रही है।