कोलकाता: ममता बनर्जी ने बुधवार को दावा किया कि उन्हें उनकी पुस्तकों की रॉयल्टी भी नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी वेतन या पेंशन नहीं ली और हमेशा अपनी पुस्तकों की रॉयल्टी के सहारे ही व्यक्तिगत खर्च चलाया है। लेकिन इस वर्ष उनकी पुस्तकें बिकने के बावजूद अब तक उन्हें रॉयल्टी का भुगतान नहीं किया गया।
अपने संबोधन में ममता ने आरोप लगाया कि यह केवल आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से उन्हें और उनकी पार्टी को कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के बैंक खातों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिससे संगठन की नियमित राजनीतिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
ममता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी राजनीतिक दल की वित्तीय गतिविधियों को बाधित करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी आवाजों को दबाने के लिए विभिन्न संस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके अनुसार, आर्थिक संसाधनों पर रोक लगाकर राजनीतिक संघर्ष को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उनकी पार्टी इससे पीछे हटने वाली नहीं है।
ममता बनर्जी ने कहा कि तमाम बाधाओं के बावजूद उनकी पार्टी जनता के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी भी दबाव में आए बिना संगठन को मजबूत करें और लोगों के बीच सक्रिय रहें। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता का समर्थन उनकी सबसे बड़ी ताकत है और किसी भी प्रकार की आर्थिक या प्रशासनिक बाधा उनके राजनीतिक संकल्प को कमजोर नहीं कर सकती।