प्रदूषण-मुक्त पटाखा निर्माण कार्यशाला के दौरान ली गई तस्वीर 
कोलकाता सिटी

महेशतला में पहली बार प्रदूषण-मुक्त पटाखा निर्माण कार्यशाला आयोजित किया गया

राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : महेशतला नगर पालिका के 30 नंबर वार्ड में दो दिवसीय प्रदूषण-मुक्त पटाखा निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका समापन गुरुवार को हुआ। ऑल बंगाल तृणमूल ग्रीन फायर क्रैकर्स मैन्युफैक्चरिंग वर्कर्स यूनियन के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में पर्यावरण-अनुकूल पटाखों के निर्माण से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण शिविर में महेशतला के चिंगड़ीपोता क्षेत्र के लगभग 60 पटाखा व्यवसायियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन टेक्नो इंटरनेशनल, बाटानगर में किया गया। इस अवसर पर डॉ. साधना रायालु (नागपुर), शक्तिपद मंडल तथा यूनियन के जनरल सेक्रेटरी सुखदेव नस्कर सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

युनियन के जनरल सेक्रेटरी का बयान :

युनियन के जनरल सेक्रेटरी सुखदेव नस्कर ने सन्मार्ग को बताया कि कोल्ड फायरवर्क्स और स्मोकलेस पायरो टेक्निक्स के पटाखे कम तापमान पर जलते हैं। इनमें धुआं नहीं निकलता और दुर्घटना की संभावना भी कम रहती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के पटाखों के निर्माण से राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इन पटाखों का उपयोग धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों तथा जन्मदिन जैसे अवसरों पर किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह के पटाखों की मांग के चलते प्रतिवर्ष लगभग दो करोड़ रुपये के उत्पाद चीन से आयात किए जाते हैं। इसी क्रम में कोलकाता प्रेस क्लब में पर्यावरण-अनुकूल पायरो टेक्निक्स, कोल्ड फायरवर्क्स और स्मोकलेस तकनीक पर आधारित एक सम्मेलन भी आयोजित किया गया था। वक्ताओं ने कहा कि यह पहल राज्य के पटाखा उद्योग को पर्यावरण-सम्मत दिशा में आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी।

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