कोलकाता : साल्टलेक में आयोजित श्री महालक्ष्मी महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक सौहार्द के यादगार अवसर के रूप में सामने आया। महाराजा अग्रसेन दर्शन समिति के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक समारोह में सैकड़ों महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ समाज के अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
अग्रकुल देवी माँ महालक्ष्मी की आराधना के बीच पारिवारिक सुख-समृद्धि और समाज के कल्याण की मंगलकामना की गई।
श्री श्रीनिवास जी शर्मा ‘श्रीजी’ के सान्निध्य में संपन्न महालक्ष्मी मंगल पाठ में महिला समिति की अध्यक्षा दर्शना गर्ग ने महिलाओं का नेतृत्व किया। एक समान परिधान में शामिल हुईं महिलाओं की सामूहिक उपस्थिति ने पूरे आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
भक्ति के प्रति उनकी निष्ठा, अनुशासन और एकजुटता ने सामूहिक आराधना को एक विशिष्ट स्वरूप दिया। महिलाओं की सक्रिय सहभागिता ने धार्मिक आयोजन को सांस्कृतिक एकता का भी सशक्त उदाहरण बना दिया।
मंगल पाठ के दौरान माँ महालक्ष्मी के चरणों में परिवारों की खुशहाली, जीवन में सुख-शांति और समाज की निरंतर उन्नति के लिए प्रार्थना की गई। परिवार सहित पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में भाग लेकर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया।
आयोजन ने बच्चों और युवा पीढ़ी को भी भारतीय धार्मिक परंपराओं, पारिवारिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।
महिला समिति की अध्यक्षा दर्शना गर्ग ने इस महोत्सव को सामूहिक आस्था, आपसी प्रेम और पारिवारिक एकजुटता का प्रतीक बताया। उनका मानना रहा कि किसी भी धार्मिक आयोजन की वास्तविक सफलता उसमें सहभागी लोगों के समर्पण और सहयोग में निहित होती है। महिलाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति और उनकी सक्रिय भूमिका ने इसी भावना को साकार किया।
कार्यक्रम में सुमन जालान, निर्मला गोयनका, मधु रुइया, कुसुम टीकमानी, प्रेमलता ओझा, कृष्णा राठी, वर्षा डागा, ममता जैन, भावना भौतिका, श्रद्धा सिकरिया, सीता लोहिया, निशा केडिया, संगीता केडिया, शैलजा केडिया, पुष्पा चौधरी, कृष्णा अग्रवाल, साधना गुप्ता, शकुंतला जायसवाल, कांता चौधरी,
संगीता खेतान, बबली अग्रवाल, निशा अग्रवाल, स्वाति अग्रवाल, उमा नेवटिया, अर्चना गोयल, रचना गुप्ता, अनु पाण्डेय और सुधा पंसारी सहित अनेक महिलाओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर राधेश्याम गुप्ता, पवन केडिया, जगमोहन बागला, बिरम प्रकाश सुल्तानिया, सुशील चौधरी, मोहन लाल केडिया, अमित केडिया, मदन गोपाल राठी, पवन भुवानियां, बृजमोहन बेरीवाल, श्याम सुन्दर नेवटिया, राजीव जैन, महेंद्र अग्रवाल, राम छपोलिया, बलदेव प्रसाद केडिया,
श्याम लाल खेमका, राजकुमार जायसवाल, सुनील खेतान, रमेश नांगलिया, विकाश नांगलिया, कमलेश केजरीवाल, प्रेम झंवर, के. के. शर्मा, मनमोहन बागड़ी, लक्ष्मण अग्रवाल और प्रहलाद राय गोयनका सहित समाज के अनेक प्रतिष्ठित लोग मौजूद रहे।
माँ महालक्ष्मी की वंदना, परिवारों के मंगल की कामना और समाजबंधुओं के बीच आत्मीय मेल-मिलाप ने महोत्सव को विशेष बना दिया। दर्शना गर्ग के नेतृत्व में महिलाओं की संगठित भागीदारी ने यह रेखांकित किया कि जब धार्मिक आस्था के साथ सामूहिक प्रयास जुड़ता है, तब न केवल सांस्कृतिक परंपराओं को नई ऊर्जा मिलती है, बल्कि सामाजिक रिश्ते भी और अधिक मजबूत होते हैं।