कोलकाता : दल बदलने के महज दो दिन बाद कमरहट्टी के विधायक मदन मित्र शुक्रवार को विधानसभा परिसर में ममता बनर्जी गुट के तृणमूल विधायकों के धरना स्थल पर अचानक पहुंच गए। सोनम वांगचुक के समर्थन और नीट मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे धरने के दौरान उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया।
विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के कक्ष से निकलकर हल्के भगवा रंग का कुर्ता पहने मदन मित्र धरना स्थल पर पहुंचे। उन्हें देखते ही तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने मुस्कुराते हुए कहा, "मदन दा शरीर से उधर (ऋतब्रत खेमे) चले गए हैं, लेकिन उनका दिल अब भी इधर (ममता खेमे) ही है। हमारे बीच हमारा एक आदमी अब भी मौजूद है।"
मदन मित्र ने भी चुटीले अंदाज में वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय से कहा, "मेरी इच्छा है कि शोभन दा अगले 10 साल विपक्ष की बेंच पर बैठें।" इस पर शोभनदेव ने हंसते हुए जवाब दिया, "फिर लौटूंगा।" बाद में मदन ने स्पष्ट किया कि धरना स्थल पर जाना केवल शिष्टाचारवश था और इससे उनके राजनीतिक रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।
उन्होंने कुणाल घोष पर भी कटाक्ष करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि इनका भी दिल बदलने का दिन अब ज्यादा दूर नहीं है।"
इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनकी पत्नी और बेटे को नोटिस भेजे जाने के सवाल पर मदन मित्र ने कहा, "अगर मैंने वास्तव में कोई गलत काम किया है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून के अनुसार न्याय भी होना चाहिए।" मदन मित्र की इस संक्षिप्त लेकिन प्रतीकात्मक मौजूदगी ने विधानसभा के भीतर राजनीतिक अटकलों को और तेज कर दिया।