फाइल फोटो 
कोलकाता सिटी

एलआईसी की बेदखली नोटिस से संकट में सुरुचि संघ की दुर्गापूजा!

एक महीने में जमीन खाली करने का निर्देश

कोलकाता : दक्षिण कोलकाता की सबसे प्रतिष्ठित और भव्य दुर्गा पूजा में से एक, 'न्यू अलीपुर सुरुचि संघ' के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने क्लब को एक कानूनी नोटिस जारी कर एक महीने के भीतर विवादित जमीन खाली करने का निर्देश दिया है। इसी जमीन पर हर साल भव्य दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता था। पूर्व मंत्री अरूप विश्वास और उनके भाई स्वरूप विश्वास से करीबी जुड़ाव रखने वाले इस क्लब को लगभग 23 कट्ठा जमीन का कब्जा सौंपने को कहा गया है। एलआईसी का दावा है कि यह जमीन उसकी है और क्लब ने इस पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। गौरतलब है कि करीब दो हफ्ते पहले ही एलआईसी ने जमीन पर अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

उत्सव के रंग में भंग, पूजा के आयोजन पर संशय

एलआईसी के इस कड़े कदम से इस साल के त्योहार की तैयारियों को बड़ा झटका लगा है। क्लब के एक वरिष्ठ सदस्य ने स्वीकार किया कि अगर जमीन खाली करनी पड़ी, तो इस साल पूजा हो पाएगी या नहीं, इस पर भारी अनिश्चितता है। उन्होंने कहा कि अगर मैदान ही नहीं रहेगा, तो हम पूजा कहाँ आयोजित करेंगे? भव्यता तो दूर की बात है, हमें यह भी नहीं पता कि हम इसे छोटे स्तर पर भी आयोजित कर पाएंगे या नहीं। हम अगले सप्ताह सभी सदस्यों के साथ बैठक कर पूजा के भविष्य पर अंतिम निर्णय लेंगे।

सार्वजनिक परिसर अधिनियम के तहत नोटिस चस्पा

शनिवार को क्लब की चारदीवारी के बाहर एलआईसी की कानूनी नोटिस चिपकी पायी गई। एलआईसी की एडवोकेट संयुक्ता राय के लेटरहेड पर जारी इस नोटिस में क्लब प्रशासन को 'सार्वजनिक परिसर (अवैध कब्जेदारों की बेदखली) अधिनियम, 1971' के प्रावधानों के तहत 18 जुलाई तक न्यू अलीपुर के ब्लॉक एम स्थित प्लॉट नंबर 498, 499, 500 और 501 को खाली करने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि क्लब ने एलआईसी की सहमति के बिना जमीन पर अवैध रूप से इमारतों और अन्य ढांचों का निर्माण किया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि निगम ने कभी भी इस संपत्ति का उपयोग क्लब चलाने के लिए करने की अनुमति नहीं दी थी। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय में शांतिपूर्ण तरीके से कब्जा नहीं सौंपा गया, तो क्लब के खिलाफ कानूनी मुकदमा दायर किया जाएगा।

जमीन वापस लेने की एलआईसीकी यह कोशिश इस महीने की शुरुआत में स्वरूप विश्वास की गिरफ्तारी और उसके बाद क्लब परिसर में हुई कथित तोड़फोड़ के बाद तेज हुई है। घटना के अगले ही दिन एलआईसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का दौरा किया था और जमीन का कब्जा वापस पाने के लिए पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की थी।


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