कोलकाता : 'स्वच्छ भारत अभियान' को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘स्वच्छ ऐप’ की औपचारिक शुरुआत की है। जियो-टैगिंग तकनीक आधारित इस ऐप के माध्यम से नगर क्षेत्रों में जमा कचरे की त्वरित पहचान और उसका निस्तारण किया जाएगा। शनिवार को कोलकाता में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर तथा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और राज्य की नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल की उपस्थिति में इस ऐप को लॉन्च किया गया।
विकास के लिए केंद्र के ‘अर्बन चैलेंज फंड’ से सहायता
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक चरण में यह ऐप 10 नगर निकायों में लागू किया गया है। इनमें आसनसोल, दुर्गापुर, बशीरहाट, पुजाली, तूफानगंज, कांथी, बैद्यबाटी, कृष्णानगर, नलहाटी और मध्यमग्राम नगरपालिकाएं शामिल हैं। राज्य सरकार ने बताया कि आने वाले समय में इसे राज्य की सभी 120 से अधिक शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) तक विस्तारित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय मंत्री के साथ लगभग डेढ़ घंटे तक शहरी विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बंगाल देश की सांस्कृतिक राजधानी रहा है और राज्य के छोटे नगर निकायों के विकास के लिए केंद्र के ‘अर्बन चैलेंज फंड’ से सहायता की आवश्यकता है।
पीएम सूर्य घर बिजली योजना को लागू करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 25 से 30 लाख आबादी वाले शहरों में सिटी मेट्रो सेवा शुरू करने का प्रस्ताव आया है। इसके लिए राज्य के शहरी विकास विभाग को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और प्रारंभिक योजना तैयार कर केंद्र को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। विद्युत क्षेत्र में सुधार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों, मजदूरों और आदिवासी क्षेत्रों के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली योजना को लागू करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि राज्य का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द दिल्ली जाकर इस परियोजना की प्रगति पर चर्चा करेगा। साथ ही, दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (डीवीसी) और राज्य सरकार मिलकर काम करेंगे ताकि बिजली और जल प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जा सके।