कोलकाता : कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) ने दुर्लभ स्नेकहेड (चन्ना बार्का) मछलियों की तस्करी की बड़ी कोशिश को विफल कर दिया।
अधिकारियों ने एयर कार्गो टर्मिनल से 550 जीवित दुर्लभ स्नेकहेड मछलियां जब्त कीं, जिन्हें कथित तौर पर मलेशिया के कुआलालंपुर भेजने की तैयारी थी। इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है और इस तस्करी के पीछे सक्रिय नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर अंतरराष्ट्रीय कार्गो अनुभाग में रखे गए चार थर्मोकोल बॉक्सों की तलाशी ली गई। जांच के दौरान इनमें 550 जीवित चन्ना बार्का मछलियां मिलीं।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि इन मछलियों को एक निर्यात खेप के रूप में विदेश भेजने की तैयारी थी। अधिकारियों ने खेप को तत्काल जब्त कर लिया और संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी।
अधिकारियों ने बताया कि चन्ना बार्का, जिसे स्नेकहेड फिश भी कहा जाता है, अत्यंत दुर्लभ प्रजाति है और अंतरराष्ट्रीय एक्वेरियम बाजार में इसकी भारी मांग है।
बरामद मछलियों में कई का आकार 10 सेंटीमीटर से अधिक था, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 30,000 रुपये प्रति मछली बताई जा रही है। कुछ मछलियां 25 सेंटीमीटर तक की थीं, जिनकी कीमत 60,000 रुपये तक आंकी गई है। इस आधार पर पूरी खेप का मूल्य कई करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया गया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि खेप की बुकिंग एक स्थानीय कारोबारी के नाम से कराई गई थी। अधिकारी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि मछलियां कहां से लाई गईं, इनके संग्रह और परिवहन में किन लोगों की भूमिका थी तथा क्या इसके पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी गिरोह सक्रिय है।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि चन्ना बार्का एक संवेदनशील और दुर्लभ प्रजाति है। बिना वैध अनुमति इसके व्यापार और निर्यात पर कड़े कानूनी प्रावधान लागू होते हैं।
वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने कहा कि मामले में वन्यजीव संरक्षण कानूनों और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है तथा जब्त की गई मछलियों के संरक्षण और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर भी काम किया जा रहा है।