कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने नदिया जिले में प्रस्तावित कल्याणी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। करीब 2,000 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस एयरपोर्ट के लिए नौ मौजाओं को चिह्नित किया गया है। सरकार ने इन इलाकों में जमीन से जुड़े लेनदेन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
जमीन की रजिस्ट्री पर रोक
डायरेक्टोरेट ऑफ रजिस्ट्रेशन एंड स्टांप रेवेन्यू ने संबंधित अधिकारियों को अधिसूचना जारी की है। इसके तहत बीरपाड़ा, चार जदुबती, गंगा मोहनपुर, चार मधुसूदनपुर, सराटी, मुरुतिपुर, उमापुर, ईश्वरपुर और कल्याणी में संपत्तियों से जुड़े किसी भी दस्तावेज का पंजीकरण नहीं किया जाएगा।
सरकार का यह कदम प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए जमीन की खरीद की प्रक्रिया को सुचारु रखने और जमीन के अनधिकृत लेनदेन पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
करीब 2,000 एकड़ जमीन की होगी जरूरत
कल्याणी एयरपोर्ट की घोषणा 2026 के पश्चिम बंगाल बजट में की गई थी। इसका उद्देश्य कोलकाता एयरपोर्ट पर बढ़ते यात्री दबाव और क्षमता की सीमाओं को कम करना तथा क्षेत्र में हवाई संपर्क को बेहतर बनाना है।
दो रनवे, कार्गो और पैसेंजर टर्मिनल की योजना
प्रस्तावित परियोजना में रनवे के अलावा टैक्सीवे, पार्किंग वे, यात्री और कार्गो टर्मिनल तथा एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। रनवे और उसके दोनों सिरों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 5 किलोमीटर लंबी और 500 मीटर चौड़ी जमीन की जरूरत होगी।
सरकार के पास फिलहाल करीब 240 एकड़ जमीन उपलब्ध है, जिसमें 172 एकड़ सरकारी ईंट भट्ठे की जमीन भी शामिल है। बाकी भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। योजना के मुताबिक दो समानांतर रनवे उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में बनाए जाने की संभावना है, जबकि यात्री और कार्गो टर्मिनल तथा ATC टावर रनवे के पूर्वी हिस्से में विकसित किए जाएंगे।