कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। तृणमूल (ऋतब्रत गुट) के विधायकों की मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ प्रस्तावित बैठक से पहले विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष को लेकर बड़ा दावा किया है। उनके बयान के बाद राज्य की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, "कुणाल हमारे बारे में क्या सोचते हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। कुणाल घोष खुद हमारे संपर्क में हैं। वह सार्वजनिक रूप से जो कहना चाहें कहें, लेकिन वह हमारी पार्टी के कई नेताओं से लगातार बातचीत कर रहे हैं। यदि उन्हें शामिल करने का फैसला होगा तो वह सामूहिक रूप से लिया जाएगा।" उन्होंने यह भी संकेत दिया कि शुक्रवार को होने वाली बैठक में शामिल विधायकों की संख्या पहले बताई गई संख्या से अधिक या कम भी हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ होने वाली बैठक में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने तथा लाखों लोगों के मामलों को ट्रिब्यूनल भेजे जाने से उत्पन्न स्थिति पर विस्तार से चर्चा होगी। पार्टी जिला स्तर पर विशेष ट्रिब्यूनल गठित करने की मांग भी उठाएगी, ताकि आम नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों को नाम सत्यापन और सुनवाई के लिए बार-बार दूरदराज के सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
ऋतब्रत बनर्जी के इस बयान के बाद कुणाल घोष के संभावित राजनीतिक रुख को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं। हालांकि, कुणाल घोष की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।