कोलकाता : रवीन्द्र सरोवर में हुई बमबाजी और झड़प के मामले में कसबा के कुख्यात विश्वजीत पोद्दार उर्फ ‘सोना पप्पू’ को कोलकाता पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है। इससे पहले उसे ईडी ने गिरफ्तार किया था और वह जेल में बंद था। अब अदालत के आदेश पर पुलिस ने उसे जेल से अपनी हिरासत में लिया है। गौरतलब है कि 1 फरवरी को रवींद्र सरोवर थाना क्षेत्र के कांकलिया रोड पर दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने बार-बार सोना पप्पू और उसके समर्थकों का नाम लिया था। आरोप है कि उसके लोगों ने इलाके में आकर उपद्रव किया था। इस मामले में रवींद्र सरोवर थाने में कई एफआईआर दर्ज की गई थीं।
जांच के दौरान पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन पप्पू लंबे समय तक फरार रहा। इसी बीच उसके खिलाफ जमीन कब्जा करने, रंगदारी वसूली और अन्य आपराधिक गतिविधियों के आरोप भी सामने आने लगे। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज है। इन आरोपों के आधार पर ईडी ने भी जांच शुरू की। इस मामले में बेहला के कारोबारी जय कामदार और पूर्व डीसी शांतनु सिन्हा विश्वास का नाम भी सामने आया। दोनों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि पप्पू फरार था। लंबे समय तक उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर जांच एजेंसियों को आशंका थी कि वह राज्य से बाहर छिपा हुआ है। हालांकि, इस दौरान वह सोशल मीडिया पर कई बार लाइव भी हुआ। ईडी ने उसकी तलाश में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की और उसके घर पर भी तलाशी अभियान चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार 18 मई को पप्पू अपनी पत्नी के साथ ईडी कार्यालय में पेश हुआ। घंटों पूछताछ के बाद ईडी अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में अदालत ने उसे जेल हिरासत में भेज दिया। इसके बाद से ही रवींद्र सरोवर थाने की पुलिस उसे अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ करने की मांग कर रही थी। अलीपुर अदालत में लंबी सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने पप्पू को 20 जून तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।