कोलकाता सिटी

कोलकाता के युवा स्वास्थ्य आपातकाल के लिए सबसे अधिक तैयार

राष्ट्रीय औसत को पीछे छोड़ा : नीवा बूपा रिपोर्ट

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : नीवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस की ‘यंग इंडिया हेल्थ इंश्योरेंस रिपोर्ट’ में खुलासा हुआ है कि कोलकाता के युवा स्वास्थ्य और वित्तीय सुरक्षा के मामले में देश के सबसे अधिक तैयार और जागरूक युवाओं में शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता के 54% युवा ‘सुरक्षित और संरक्षित’ श्रेणी में आते हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत केवल 24% है।

यह अध्ययन देशभर के 35 से अधिक शहरी और ग्रामीण केंद्रों में 2,400 से अधिक लोगों पर किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है। रिपोर्ट में पहली बार ‘हेल्थ प्रोटेक्शन स्कोर’ (एचपीएस) पेश किया गया है, जो जीवनशैली अनुशासन, पारिवारिक स्वास्थ्य इतिहास, स्वास्थ्य स्थिति के प्रति जागरूकता और वित्तीय तैयारी जैसे चार प्रमुख मानकों के आधार पर लोगों की स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता को मापता है।

रिपोर्ट के अनुसार, 51% युवा भारतीय स्वास्थ्य बीमा को अपनी शीर्ष वित्तीय प्राथमिकताओं में मानते हैं, लेकिन केवल 14% के पास स्वास्थ्य बीमा है। लगभग 76% युवा अब भी किसी अप्रत्याशित स्वास्थ्य संकट के लिए आर्थिक या चिकित्सकीय रूप से पर्याप्त रूप से तैयार नहीं हैं।

इसके विपरीत, कोलकाता ने कई महत्वपूर्ण मानकों पर बेहतर प्रदर्शन किया है। शहर का हेल्थ प्रोटेक्शन स्कोर 5.87 रहा, जबकि राष्ट्रीय औसत 4.54 है। यहां 21% लोगों के पास निजी स्वास्थ्य बीमा है, जो राष्ट्रीय औसत 14% से काफी अधिक है। पॉलिसी लैप्स दर केवल 2% है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 6% है। साथ ही, अत्यंत संवेदनशील श्रेणी में केवल 3% लोग हैं, जो देश में सबसे कम है।

रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि कोलकाता के लोग स्वास्थ्य आपात स्थिति में औसतन 96 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान लगाते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर लगभग 4.9 लाख रुपये तक की राशि जुटाने की क्षमता रखते हैं, जो मजबूत वित्तीय सुरक्षा का संकेत है।

नीवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस के डिजिटल बिजनेस यूनिट के निदेशक एवं मुख्य विपणन अधिकारी निमिष अग्रवाल ने कहा कि कोलकाता ने स्वास्थ्य बीमा जागरूकता, वित्तीय तैयारी और बीमा अपनाने के मामले में एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि यहां के युवा स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों से निपटने के लिए अधिक आत्मविश्वासी हैं, हालांकि स्वस्थ जीवनशैली और निवारक स्वास्थ्य देखभाल को और मजबूत करने की आवश्यकता बनी हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार, बेहतर बीमा कवरेज, वित्तीय अनुशासन और स्वास्थ्य जागरूकता के कारण कोलकाता देश के अन्य शहरों के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा है।

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