कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में सड़कों और विभिन्न स्थानों के नामकरण एवं पुनर्नामकरण की समीक्षा के लिए समिति का गठन किया है। समिति कोलकाता समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में सड़कों और स्थानों के नामों की समीक्षा करेगी। राज्य स्तरीय रोड- रीनेमिंग कमेटी के चेयरमैन कार्तिक महाराज ने सोमवार को केएमसी मुख्यालय में अपने कक्ष के निरीक्षण के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नए नाम तय करने में भारतीय संस्कृति, बंगाल के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और बंगाल की मिट्टी से जुड़े व्यक्तित्वों के योगदान को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। सरकार की ओर से समिति के लिए कोलकाता में स्थायी कार्यालय भी उपलब्ध कराया गया है, जहां कर्मचारी आम लोगों से नामकरण और पुनर्नामकरण से संबंधित आवेदन एवं सुझाव प्राप्त करेंगे।
जनता से प्राप्त सुझावों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद समिति नियमित रूप से बैठक कर प्रस्तावों पर चर्चा करेगी। समिति की सिफारिशों को अंतिम स्वीकृति के लिए राज्य विधानसभा के समक्ष भेजे जाने की बात कही गई है। नामकरण के लिए स्वतंत्रता सेनानियों और आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक हस्तियों के नामों पर विचार किया जा रहा है। इनमें स्वतंत्रता सेनानी प्रफुल्ल चाकी, उल्लासकर दत्त और रासबिहारी बोस के अलावा चैतन्य महाप्रभु, स्वामी प्रणवानंद और स्वामी विवेकानंद जैसे नाम शामिल हैं। समिति का जोर ऐसे व्यक्तित्वों के नाम पर बताया गया है, जिनका भारतीय संस्कृति, बंगाल के इतिहास तथा सामाजिक और आध्यात्मिक जीवन में उल्लेखनीय योगदान रहा है। विश्व बांग्ला सरणी का नाम बदलने पर चर्चा कार्तिक महाराज के अनुसार, विश्व बांग्ला सरणी का नाम बदलकर चैतन्य महाप्रभु के नाम पर रखने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हो रही है। इसके अलावा महाराज अग्रसेन के नाम पर कोलकाता में एक सड़क का नाम रखने का प्रस्ताव भी समिति को मिला है। विदेशी और औपनिवेशिक नामों की भी होगी समीक्षा समिति की चर्चा में वर्तमान में प्रचलित कुछ विदेशी नामों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। लेनिन सरणी और कार्ल मार्क्स सरणी जैसे नामों की समीक्षा किए जाने की बात सामने आई है। इस संदर्भ में कहा गया कि जिन नामों का बंगाल के इतिहास या संस्कृति से सीधा संबंध नहीं है, उनके स्थान पर भारतीय इतिहास, संस्कृति और बंगाल से जुड़े व्यक्तित्वों के नाम रखने के प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। हालांकि, किसी विशेष सड़क का नाम बदलने का अंतिम निर्णय समिति की प्रक्रिया और संबंधित स्वीकृतियों के बाद ही होगा।