सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता पुलिस की माउंटेड यूनिट के घोड़ों की रेड रोड पर होने वाली परेड में वापसी अब अगले वर्ष गणतंत्र दिवस पर होने की उम्मीद है। पिछले चार वर्षों से कोलकाता पुलिस की घुड़सवार टुकड़ी को गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस की परेड में शामिल नहीं किया गया है। पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि वर्ष 2027 के गणतंत्र दिवस पर माउंटेड पुलिस फिर से परेड का हिस्सा बन सकती है। इसकी पृष्ठभूमि वर्ष 2022 की गणतंत्र दिवस परेड से जुड़ी है। उस समय कोलकाता पुलिस के करीब 20 घोड़ों ने रेड रोड पर अनुशासित तरीके से परेड में हिस्सा लिया था। इसी दौरान पुलिस का घोड़ा ‘आइकॉनिक’ अचानक अपनी टुकड़ी से अलग होकर मुख्य मंच की ओर मुड़ गया और तत्कालीन राज्यपाल जगदीप धनखड़ की दिशा में पीछे की ओर खड़ा हो गया। हालांकि, कुछ ही सेकंड में उसके सवार ने घोड़े को वापस परेड की कतार में ला दिया। बाद में हुई जांच में इस घटना की वजह भी सामने आई।
जायंट स्क्रीन देखकर मुड़ा था घोड़ा
पुलिस की जांच के अनुसार, उस दिन रेड रोड के किनारे लगी जायंट स्क्रीन पर परेड का सीधा प्रसारण दिखाया जा रहा था। स्क्रीन पर माउंटेड पुलिस के घोड़ों की तस्वीरें दिखाई जा रही थीं। जानकारी के अनुसार ‘आइकॉनिक’ ने स्क्रीन पर दिखाई दे रहे घोड़ों को वास्तविक घोड़ों का दूसरा समूह समझ लिया। इसी कारण वह करीब 90 डिग्री घूमकर मुख्य मंच की ओर पीठ करके खड़ा हो गया। तब तक बाकी घोड़े आगे निकल चुके थे। हालांकि, कुछ ही सेकंड में ‘आइकॉनिक’ को वापस परेड में शामिल कर लिया गया।
राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी प्रदर्शन
इस घटना के बाद से माउंटेड पुलिस की टुकड़ी को रेड रोड की गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस परेड में शामिल नहीं किया गया। हालांकि, इस दौरान कोलकाता माउंटेड पुलिस के कई घोड़ों ने राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में पुरस्कार हासिल किए हैं। इसी वजह से पुलिस अधिकारी अगले गणतंत्र दिवस की परेड में घुड़सवार टुकड़ी की वापसी को लेकर सकारात्मक हैं। यदि अनुमति मिलती है तो करीब चार साल बाद कोलकाता पुलिस की घुड़सवार टुकड़ी को एक बार फिर रेड रोड पर देखने को मिल सकता है।
जायंट स्क्रीन को लेकर भी तैयारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अभ्यास के दौरान रेड रोड पर आमतौर पर जायंट स्क्रीन नहीं होती, इसलिए घोड़ों को ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। मुख्य परेड के दौरान स्क्रीन मौजूद रहने से उस समय परेशानी सामने आई थी। अब पुलिस इस संभावना पर भी विचार कर रही है कि सवारों के अभिवादन के दौरान कुछ समय के लिए जायंट स्क्रीन पर प्रसारण रोक दिया जाए। अधिकारियों का मानना है कि इससे घोड़ों का ध्यान भटकने की संभावना कम हो सकती है।