फाइल फोटो 
कोलकाता सिटी

कोलकाता पुलिस तैयार करेगी अपराध के हॉटस्पॉट का डेटाबैंक

पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को दिए निर्देश

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : महानगर में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कोलकाता पुलिस ने अपराध के ‘हॉटस्पॉट’ चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद ने सोमवार को सभी थानों और लालबाजार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रत्येक थाना और डीडी के ओसी को अपने-अपने इलाके में अधिक अपराध वाले क्षेत्रों की पहचान करने का निर्देश दिया। सूत्रों के अनुसार पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों से चोरी, डकैती, छिनतई, हत्या समेत अलग-अलग प्रकार के अपराध किन इलाकों में अधिक हो रहे हैं, इसका विस्तृत डेटा तैयार किए जाने का निर्देश दिया है। प्रत्येक प्रकार के अपराध के लिए कम से कम पांच ऐसे इलाकों को चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है, जहां उस अपराध की घटनाएं अपेक्षाकृत अधिक सामने आ रही हैं।

हॉटस्पॉट पर होगी विशेष निगरानी

पुलिस सूत्रों के अनुसार अपराध के लिहाज से संवेदनशील इलाकों की पहचान होने के बाद वहां थाना और डीडी की ओर से विशेष निगरानी बढ़ाई जाएगी। पुलिस का उद्देश्य अपराध की घटनाओं को रोकने के साथ-साथ प्रत्येक इलाके के लिए अपराध नियंत्रण की अलग रणनीति तैयार करना है। बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि केवल हॉटस्पॉट चिन्हित करना पर्याप्त नहीं होगा। इन इलाकों में अपराध कैसे कम किया जा सकता है, इसके लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करनी होगी।

साइबर अपराध समेत सभी मामलों का बनेगा डेटाबैंक

पुलिस आयुक्त ने साइबर अपराध सहित विभिन्न प्रकार के अपराधों के लिए डेटा बैंक तैयार करने पर भी जोर दिया। सूत्रों के अनुसार, अपराध से संबंधित आंकड़ों का व्यवस्थित विश्लेषण कर भविष्य में अपराध रोकने की रणनीति तैयार की जाएगी। मादक पदार्थों की तस्करी और साइबर अपराध के खिलाफ शहर के अलग-अलग इलाकों में लगातार जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया है।

हर मामले की फॉलो-अप रिपोर्ट पर जोर

लालबाजार में हुई बैठक में जुलाई महीने में हुई हत्याओं, महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध, साइबर ठगी, धोखाधड़ी समेत विभिन्न आपराधिक मामलों की समीक्षा की गई। पुलिस आयुक्त ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले का नियमित फॉलो-अप किया जाए। थाना स्तर पर जांच के बाद संबंधित मामलों को आगे डीडी की शाखाओं और ट्रायल मॉनिटरिंग शाखा के स्तर पर भी फॉलो किया जाएगा, ताकि मामलों को उनके अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाया जा सके।

पॉक्सो मामलों में 60 दिन के भीतर चार्जशीट

बैठक में पॉक्सो मामलों को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त ने कहा कि पॉक्सो के मामलों में निर्धारित 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल की जानी चाहिए। लालबाजार सूत्रों के अनुसार, कुछ मामलों में 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं हो सकी है। ऐसे मामलों में जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है। साइबर अपराध और पॉक्सो से जुड़े विचाराधीन मामलों के निपटारे में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। साइबर ठगी के मामलों में बरामद की जाने वाली रकम का अनुपात बढ़ाने के लिए भी अधिकारियों को विशेष प्रयास करने का निर्देश दिया गया

हर महीने सीसीटीएनएस रिपोर्ट देगी पुलिस

थानों को सीसीटीएनएस से संबंधित रिपोर्ट हर महीने लालबाजार को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इससे अपराध के आंकड़ों की नियमित समीक्षा और विभिन्न थाना क्षेत्रों में अपराध के रुझानों की निगरानी की जा सकेगी। सूत्रों के अनुसार पुलिस आयुक्त आने वाले कुछ दिनों में थानों के ओसी और लालबाजार के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक भी करेंगे। इस बैठक में अपराध नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों और उनके परिणामों की समीक्षा किए जाने की संभावना है।

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