कोलकाता: आगामी चुनावों के मद्देनजर कोलकाता पुलिस ने महानगर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी कमर कस ली है। लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय के खुफिया विभाग ने रात भर शहर के विभिन्न हिस्सों में सघन तलाशी अभियान चलाकर सात कुख्यात 'ट्रबल मोंगर्स' (उपद्रवियों) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी पिछले चुनावों में हिंसा फैलाने और जबरन वसूली जैसे गंभीर मामलों में शामिल रहे हैं।
उत्तर कोलकाता का आतंक ‘खरगोश’ और ‘चैप्टा’ गिरफ्त में
पुलिस की इस कार्रवाई में सबसे बड़ी सफलता कार्तिक सोनकर उर्फ ‘खरगोश’की गिरफ्तारी है। खरगोश उत्तर कोलकाता के जोड़ाबगान और बड़ाबाजार इलाके का कुख्यात अपराधी है। जेल से छूटने के बाद भी उसका दबदबा कम नहीं हुआ था। पुलिस से बचने के लिए उसने हावड़ा में अपना ठिकाना बनाया था, लेकिन वह लगातार उत्तर कोलकाता में हथियारों के बल पर रंगदारी वसूल रहा था। उसके साथ उसके सहयोगी अमित सिंह उर्फ ‘चैप्टा’ को भी गिरफ्तार किया गया है। ‘चैप्टा’ पर भी लोकसभा चुनावों के दौरान हथियार रखने और गुटीय संघर्ष में शामिल होने के कई मामले दर्ज हैं।
दक्षिण और मध्य कोलकाता के बदमाशों पर भी शिकंजा
दक्षिण कोलकाता के कस्बा इलाके से पुलिस ने उत्तम साव उर्फ 'उच्छे' को दबोचा है। वह कुख्यात सोना पप्पू गैंग का सक्रिय सदस्य रहा है और उसके खिलाफ जबरन वसूली और मारपीट के दर्जनों मामले दर्ज हैं। वहीं, मध्य कोलकाता के जोड़ासांको इलाके से इश्तियाक अहमद उर्फ 'मिस्टर' को गिरफ्तार किया गया है। मिस्टर पर चाकूबाजी, हत्या के प्रयास और व्यापारियों को धमकाने के गंभीर आरोप हैं।
अपहरण और वसूली के मास्टरमाइंड भी धरे गए
तिलजला इलाके से पुलिस ने शेख अनवर उर्फ 'मन्नू' और मोहम्मद सिराज को गिरफ्तार किया है। मन्नू पर एक विदेशी नागरिक के अपहरण समेत व्यापारियों से फिरौती वसूलने और हिंसक झड़पों के पुराने मामले हैं। इसके अलावा, बड़ाबाजार इलाके में खुद को 'डॉन' कहने वाले कृष्ण खारवार को भी पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है।